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दर-दर ठोकरें खा रही है मृतक बंटी की विधवा, बस दिया जा रहा न्याय का आश्वासन | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। संदिग्ध हालातों में पति की मौत के बाद अब न्याय के लिए पत्नि पुलिस के दर-दर ठोकरें खा रही है लेकिन पुलिस है कि केवल सुन तो लेती है लेकिन कोई कार्यवाही ऐसा कोई काम ना होकर पीडि़ता को न्याय नहीं दिया जा रहा, पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को दो बार  शिकायत करने के बाद यदि मृतक की विधवा पत्नि को मिला है तो सिर्फ और सिर्फ न्याय का आश्वासन।

बाबजूद इसके इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही परक कदम नहीं उठाया जा रहा जिससे पीडि़त परिवार का पुलिस से विश्वास उठ रहा है। पीडि़ता ने इस मामले में पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से इस ओर उचित कार्यवाही की मांग परिजनों के साथ की है।

जानकारी के अनुसार पीडि़ता निवासा यादव निवासी ग्राम सिमराई थाना चिमलावनी जिला श्योपुर ने बताया कि उसका पति बंटी यादव उम्र 28 वर्ष विगत दो वर्षों से जियो कंपनी में जिला शिवपुरी मुख्यालय पर हनुमान कॉलोनी में अपने दो सह कर्मियों संतोष रावत व सचिन निवासी बैराढ़ जिला शिवपुरी के साथ मिलकर टॉवर पर काम रहा था लेकिन बीती 24 जून को से बंटी से उसकेे परिजनों का मोबाईल पर कोई संपर्क नहीं हुआ और जब उसके सहकर्मियों संतोष रावत व सचिन से जानकारी ली तो उनके द्वारा भी कोई संतोषजनक जबाब नहीं दिया गया।

इसी बीच 24 जून के बाद से 26 जून की सुबह 8 बजे से बंटी की लाश सुभाषपुरा में बरामद होने की सूचना परिजनों को सुभाषपुरा पुलिस द्वारा दी गई। जब तक परिजन मौके पर पहुंचकर लाश देखते कि उससे पहले ही पुलिस ने शव नीचे उतारकर मर्ग कायम कर लिया।

इस घटना के बाद से अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई भी उचित कदम नहीं उठाया जबकि मृतक बंटी की पत्नि निवासा और उसके परिजनों ने बिना कोई भेदभाव के मामले में निष्पक्ष जांच की पुलिस अधीक्षक से की है बाबजूद इसके पुलिस थाना सुभाषपुरा और पुलिस अधीक्षक को की गई शिकायतों के बाद भी पुलिस ने ना तो मृतक बंटी के सहकर्मियों संतोष रावत और सचिन से कोई गहन पूछताछ की और ना ही कोई कार्यवाही इस केस में हुई।

इसके साथ ही बंटी की जब से बरामद मोबाईल भी पुलिस ने बरामद किया तो उसकी सिम ना होने की बात पुलिस ने कही जबकि परिजनों की लगातार बात मृतक बंटी से होती रही। स्व.बंटी की पत्नि निवासा यादव ने बताया कि बंटी को प्रतिमाह जियो टॉवर पर कार्य करने का वेतन 16 हजार रूपये मिलता था लेकिन जब उसके खातों की जानकारी परिजनों को मिली तो देखा कि उसमें महज 5500 रूपये ही है ऐसे में दो वर्ष के वेतन की ऐसी स्थिति कैसे और क्यों हुई?

साथ ही हनुमान कॉलोनी के ही क्योस्क सेंटर से पांच बार में 2500 रूपये भी खाते से निकाले गए, जहां लाश मिली वह आदिवासी मोहल्ला था कोई टॉवर नहीं था तो ऐसे में बण्टी शिवपुरी में काम करता था लेकिन उसका शव सुभाषपुरा क्षेत्र में बरामद हुआ, वह वहां कैसे पहुंचा, स्वयं फांसी लगाई अथवा  उसे किसी ने मारकर फांसी पर लटकाया? आदि सवालों को लेकर परिजनो को इनका जबाब नहीं मिला रहा जिससे पीडि़त परिवार सदमें में है।

मामले में पीडि़ता ने पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की जांच की मांग की है। इस संबंध में सुभाषपुरा पुलिस भी पीडि़त परिवार से सहानुभूति नहीं रखता और मामले किसी प्रकार की कोई जानकारी देने में भी अनाप-शनाप और बदतमीजी से मृतक के परिजनों से बात की जाती है जिससे यह मामला संदिग्ध जान पड़ता है।