मुन्ना के भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेसी पार्षदों ने खोला मोर्चा, सिंधिया को पत्र लिखकर की शिकायत

शिवपुरी। नगर पालिका शिवपुरी के अध्यक्ष एवं पुत्र की कार्यशैली से परेशान होकर कांग्रेसी पार्षदों ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर अवगत कराया हैं कि नगर पालिका अध्यक्ष व पुत्र कांग्रेस पार्टी की गाईड लाईन से अलग हटकर कार्य करने में लगे हुए हैं। जिसकी बजह से पार्टी की छवि धूमिल हो रही हैं। पार्षदों ने पत्र में पूर्व सांसद सिंधिया को बताया है कि कांग्रेस पार्टी और शहर विकास के लिए नकारात्मक बनी हुई है। जिसका कारण आर्थिक निस्वार्थ है।

जिसके चलते विगत साढे चार साल में पार्टी की छवि को जनता में कमजोर करने का काम किया है। शिवपुरी शहर की प्यासी जनता को जीवनदायिनी योजना आपके द्वारा लाई गई थी। उस योजना को पलीता लगा दिया गया हैं। उसका सबसे बड़ा चेहरा नगर पालिका अध्यक्ष है। कई बार पार्षदों द्वारा परिषद के लिए निर्माण के ठहराव को परिवर्तित कर इसके भुगतान को पारित किया है।

इसके द्वारा जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष नगर पालिका को भी पीआईसी के लिए जाने एवं दिखाकर एजेन्डा जारी किए जाने के आदेश आज तक पालन नहीं किया गया और न ही पार्षदों को पीआईसी का एजेण्डा दिखाया गया। जिसकी बजह से कई काम लोकायुक्त एवं ईओडब्लू में प्रचलन में चल रहे हैं।

नगर पालिका शिवपुरी के पार्षदों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से अध्यक्ष को हटाने की मांग की हैं साथ ही कहां है कि या फिर सभी 15 पार्षदों को स्तीफा देने के लिए निर्देश दें। मांग करने वालों में भावना-राजकुमार पाल, मुन्नी अग्रवाल, वर्षा गुप्ता, किरन सैन, ज्योति धाकड़, आकाश शर्मा, मीना आर्य, लक्ष्मी राठौर, जरीना शाह, बैंजती देशबारी, श्यामलाल राजे, मालती ज्ञानप्रकाश जैन, इस्माईल खांन, पवन शर्मा, अनिल शर्मा अन्नी पार्षद शामिल हैं।

साढ़े चार साल तक कहां सो रहे थे ये पार्षद

नगर पालिका अध्यक्ष का लगभग साढ़े चार वर्ष से भी अधिक का कार्यकाल पूर्ण हो  चुका हैं अब जाकर कहीं कांग्रेस के पार्षदों की नींद खुली हैं जो शहर के विकास को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं जिन पार्षदों ने आज जो पत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिखा नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली, शहर के विकास एवं पार्टी की छवि को लेकर जो चिंता जाहिर की गई हैं। 

वो चिंता विगत साढे चार वर्षों में जागृत क्यों नहीं हो सकी? जबकि शिकायत करने वाले सदस्यों में पीआईसी के सदस्य भी हैं और परिषद की बैठकों में भी यह प्रस्तावों में अपनी मोहर लगाते रहे। आगामी माहों में होने वाले नगर पालिका चुनावों को लेकर पार्षद कहीं अपनी छवि को जनता के सामने पाक साफ दर्शना का प्रयास तो नहीं हैं। जिससे वे पुन: एक बार फिर से चुनाव जीत कर आ नगर पालिका में आ सकें।

काश पार्षदों ने यह साहस लोकसभा चुनाव से पूर्व दिखाया होता

नगर पालिका के कांग्रेसी पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष के विरूद्ध मोर्चा खोलकर सही को सही व गलत को गलत कहने का साहस अपना साढे चार साल का कार्यकाल पूर्ण होने के उपरांत दिखाया हैं कास यही साहस एक दो वर्ष कांग्रेस पार्षदों द्वारा दिखाकर जनता के बीच गए होते तो शायद शहर का विकास भी हो जाता और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी शहर से हार का मुंह नहीं देखना पड़ता।