जनपद के अधिकारियों की मिलीभगत,ग्राम पंचायत झाड़ोल में कागजों में बन रहा है खेल मैदान | SHIVPURI NEWS

कोलारस। जिले के  कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत झाड़ेल में सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक के साथ जनपद पंचायत के आला अधिकारी व कर्मचारियों की मिली भगत से कागजी घोड़े दौड़ाकर खेल मैदान का निर्माण कर दिया गया। जबकि जमीनी धरातल पर ग्राम पंचायत में खेल मैदान का निर्माण कराया ही नहीं गया। जनपद पंचायत के अधिकारियों से  मिलकर सरपंच सचिव ने शासकीय खजाने से हजारों रूपए की धनराशि आहरित कर ली गई।  ग्रामीणों के द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद भी जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इसके विरूद्ध कोई दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की है।

कोलारस जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत झाड़ेल में खेल के मैदान बनाने के नाम पर सरपंच सचिव रोजगार सहायक ने फर्जी फर्म बनाकर भुगतान निकाल लिया और धरातल पर खेल का मैदान दिखाई ही नहीं दे रहा है जबकि खेल मैदान बनाने के नाम पर पानी का टैंकर, बजरी, सीमेंट, लोहा गेट, सभी का बिल भी लगाए गए हैं। यहां तक कि रोलर चलवाने के कागज भी फाईलों में दर्शाए गए हैं।  सोचने वाली बात तो यह है कि जिस फर्म का नाम दस्तावेजों में बताया गया हैं उस फर्म पर रोलर मौजूद ही नहीं है। ग्राम पंचायत झाडेल में खेल मैदान पर जिस तरह खर्चा किया गया है।

उसमें लेवर पर 196672 रुपए सामग्री 129250 रुपए, रोलर 22000 रुपए, पानी के टैंकर 18200 रुपए, ग्राम पंचायत झाडेल में खेल मैदान के नाम पर लाखों का फर्जीवाड़ा हुआ है जेसीबी से नाली खो दी गई हैं। रोलर चला ही नहीं है जबकि बिल रोलर का लगाया गया है। रोलर का भुगतान कान्हा बिल्डिंग मटेरियल के नाम से किया गया है। जबकि उस फर्म के पास रोलर मौजूद नहीं है, कान्हा बिल्डिंग मैटेरियल के नाम से खेल मैदान पर कुल खर्चा राशि 325922 दर्शाया गया है।

जब इस संबंध में कोलारस जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी से भी इस बारे में बात की परंतु उन्होंने भी रटारटाया जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया। इसी तरह ग्राम पंचायत खरई, डेहरवारा, सेसई सडक, लुकवासा, साखनोर मैं भी मर्यादा अभियान को चूना लगाया गया है और यदि की यदि बारीकी से जांच करा दी जाए तो एक बहुत बड़ा घोटाला उजागर हो सकता हैं।

फर्जीवाड़ा भ्रष्टाचार निर्माण कार्यों में जोर-शोर से ग्राम पंचायतों में चल रहा है या यह कहें कि राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट अंतकाल पछताएगा प्राण जाएंगे छूट। इसी तर्ज पर ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार खुलेआम किया जा रहा है शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को भी पलीता लगाया जा रहा हैं सरपंच सचिव रोजगार सहायक बारीकी से पांच साल के कितना पैसा कमाया गया इसकी बारीकी से ऐजेंसियों के माध्यम से जांच कर ली जाए तो दूध का दूध पानी का पानी साफ हो जायेंगा।  

अंधेर नगरी की तर्ज पर चल रही ग्राम पंचायत?

कोलारस जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में फर्जीवाड़ा जमकर चल रहा है अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर ग्राम पंचायत संचालित हो रही है ग्राम पंचायत साखनोर, खरई,  डेहरवारा, अटामानपुर, कनावदा, किलावनी, मोहरा,  लुकवासा, वसई, लेवा,सेसई सडक ने  कोटानाका  सिघराई. टीला मैं जम का निर्माण कार्यों में धांधली की जा रही है।

सड़कों से लेकर कुटीर निर्माण, भवन निर्माण कार्य, खरंजा निर्माण, शौंचालय निर्माण, सीसी सड़कें खेल का मैदान मुक्तिधाम बनाने के नाम पर पंचायत के सरपंच सचिवों रोजगार सहायकों ने उपयंत्रीओं के साथ मिलकर बहुत बड़े-बड़े फर्जीवाड़े किए हैं इनकी जांच कराई जाए तो अनेक सरपंच सचिव रोजगार सहायकों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। साथ ही 420 के मामले भी दर्ज हो सकते हैं