करैरा। जिले के करैरा में पदस्थ तहसीलदार सर्वेश यादव के व्यवहार से प्रताणित होकर आज पटवारियों ने एकजुट होकर एसडीम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें संघ ने उल्लेख किया है कि तहसीलदार के अवकाश पर जाने के बाद तहसीलदार के पद का प्रभार नायब तहसीलदार सतेंद्र सिंह गुर्जर के पास था। जिसपर सतेन्द्र सिंह गुर्जर ने न्यायालय के आदेश पर सतेन्द्र सिंह गुर्जर ने न्यायालय के पैंडिंग आदेशो का पालन किया।
जिससे कुपित होकर जिन जिन ग्रामों के पटवारियों का क्षेत्र था। उन सभी को तहसीलदार ने सर्वेश यादव ने बुलाकर उनके साथ अभ्रदता की। तहसीलदार उन्हें FIR कराने एवं जेल भेजने की धमकी भी दे रहे हैं। ज्ञापन मध्यप्रदेश पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल प्रधान और तहसील अध्यक्ष मोहनलाल मेवाफरोस के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में तहसीलदार का प्रभार सतेंद्र सिंह गुर्जर से हटाने की मांग की गई है।
तहसीलदार ने पटवारियों को नोटिस भी जारी किए हैं जिनमें उनसे वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 का अभिलेख मंगाया जा रहा है जबकि पटवारियों को उक्त अभिलेख आज दिनांक तक प्राप्त ही नहीं हुए हैं जिससे वह अभिलेख प्रस्तुत नहीें कर पा रहे हैं और उन्हें तहसीलदार द्वारा एफआईआर कराने की बात कही जा रही है। यहां तक कि तहसीलदार ने ऑनलाइन अभिलेख में सुधार उपरांत अनुमोदन भी नहीं किया है जिस कारण हजारों की संख्या में डाटा वापस पटवारी लॉगिन में आ गया है।
तहसीलदार में कंप्यूटर ऑपरेटर होने के बावजूद भी अनुमोदन कार्य के लिए हल्के पर पदस्थ पटवारियों को लगाया है जिससे हल्के का कार्य भी प्रभावित हो रहा है जिससे न्यायालयीन आदेशों का अमल नहीं हो पा रहा है वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के कार्य में परेशानी हो रही है। ऐसी स्थिति में पटवारी कृषकों के क्रोध का भाजन भी बन रहे हैं जिन्हें कृषकों द्वारा अपमानित किया जाता है और किसानों द्वारा उनके खिलाफ शिकायती आवेदन भी सौंपे जा रहे हैं।

