कोलारस। जिले के कोलारस में खरीदी केन्द्र पर हुए भ्रष्टाचार ने शासन प्रशासन समेत पूरे प्रदेश की आंखे खोल कर रख दी। इस करोडों के घोटाले को उजागर करने बाली मीडिया में लगातार खबरें प्रकाशन से बौखलाए प्रशासन ने इस मामले में समिति प्रबंधक सहित गौदाम संचालक और सर्वेयर को आरोपी तो बना दिया। परंतु इस पूरे घपले के लिए जिम्मेदार या यू कहे कि इस पूरे घपले के कर्ता धर्ता मास्टर माइंड को प्रशासन ने खुली छूट दे दी। अब वह जिम्मेदार लगातार कलेक्टर सहित पूरे प्रशानिक अधिकारीयों को गुमराह करने में लगे हुए है।
जानकारी के अनुसार बीते रोज शिवपुरी समाचार डॉट कॉम को सूचना मिली थी कि कोलारस में श्री जी वेयर हाउस पर खुलेआम धांधली चल रही है। खरीदी किए जा रहे चने में सिंध की बजरी मिला कर इसे गोदाम में रखबाया जा रहा है। इस मामले की सूचना पर शिवपुरी समाचार की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले से एसडीएम को अबगत कराया। एसडीएम ने इस मामले में तत्काल कार्यावाही करते हुए इस गौदाम को सील कर कलेक्टर तक मामला पहुंचा।
जहां कलेक्टर ने इस मामले की जांच समिति बनाकर जांच कराई। जहां जांच समिति ने इस मामले में जांच रिपोर्ट सौंपकर इतिश्री कर ली। इस मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई कि प्रशासन की टीम को श्रीजी वेयर हाउस से ज्यादा घपला श्री गणेश बेयर हाउस बदरवास और लुकवासा बेयर हाउस पर मिला। परंतु यहां इस टीम के कर्ता धर्ताओं ने इस चने को छनवाकर इसे फिर से सही घोषित कर गौदाम में रखबा दिया।
श्रीजी वेयर हाउस पर बेन्हटा सोसाइटी द्वारा खरीद की जा रही थी जिसमे व्यापारीयों द्वारा चने में बजरी और मिट्टी मिलाकर खपाया जा रहा है। इस अमानक चने को दबंग सोसाईटी प्रबंधक और सर्वेयर की अनुपस्थिति में बिना पास किए हुए माल को खफा रहा था। जिस पर कार्यवाही करते हुए एसडीएम ने कलेक्टर को पूरे मामले से अबगत कराया था। इस मामले में उक्त आरोपीयों को वरिष्ठ अधिकारीयों के खुले सरंक्षण के चलते उक्त घपले को अंजाम दिया गया। जबकि अब भी प्रशासन ने इस मामले में इसमें लिप्त अधिकारीयों से ही जांच करा रहा है।
जहां कलेक्टर ने इस धांधली को लेकर एक टीम गठित कर इसमे शामिल लोगो के खिलाफ कार्यवाही की गई जिसमे मंगलवार को जिला स्तरीय टीम द्वारा वेअर हॉउस की शील खोली गयी तथा एक ताले की चाबी न होने के कारण ताला तोड़ा गया और जाँच की गई जाँच टीम मे सहकरिता उपआयुक्त सीजी भदोरिया, GM बाय के सिंह, फूड इंस्पेक्टर नारायण सिंह, ADA शैलेश सिंह, सहकरिता CEO कोलारस हर्षवर्धन, पटवारी गोविंद आदिवासी आदि शामिल थे।
इस मामले में आज फिर विबाद की स्थिति उस समय बनी जब उक्त वेयर हाउस की सील खोलने टीम पहुंची। इस दौरान टीम के अधिकारीयोेें से जब वेयर हाउस के संचालक ने सील खोलने का आदेश मांगा तो उन्होंने आदेश देने से इंकार कर दिया। जब बात नहीं बनी तो टीम के सदस्यों ने गोदाम के संचालक को शासकीय कार्य में बाधा की धमकी देते हुए ताले तोड दिए।
