खबर का असर: सील की गई क्लीनिक के ताले तोड़ने वाले झोलाछाप डॉक्टर पर आपराधिक मामला दर्ज | KOLARAS, SHIVPURI NEWS

कोलारस। खबर कोलारस थाने से आ रही है कि कोलारस में संचालित उपकार क्लीनिक के झोलाछाप डॉक्टर उमाचरण धाकड पर अत:कोलारस थाने में एफआईआर दर्ज हो गई। इस FIR कराने में स्वास्थय विभाग को 60 दिन का संघर्ष करना पडा। शिवपुरी सामाचार इस मामले को लगतार उठा रहा था और आपके लोकप्रिय न्यूज पोर्टल ने इस मामले में अंतिम खबर प्रशासन ने मान लिया इस झोला छाप डॉक्टर को सरकारी दमाद नही हो रहा मामला दर्ज शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। 

यह था मामला:
जैसा कि विदित है कि बीत 29 मार्च कोलारस में राई रोड पर स्थित उपकार क्लीनिक पर तहसीलदार और बीएमओ ने छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। इस क्लीनिक पर उपस्थित डॉक्टर पर ऐसे कोई कागजात नही मिले जिससे वह नियमानुसार ईलाज करने की पात्रता रखता हों,उसको झोलाछाप कहा जा सकता था। इस छापामार कार्रवाई में क्लीनिक पर एक्सपायर डेट की दवाईयां मौके पर मिली। मौजूद स्टाफ भी क्वालीफाईड नही था। प्रशासन न पंचनामा बनाकर क्लीनिक को सील कर दिया। 

बताया जाता है कि इस क्लीनिक के झोलाछाप डॉक्टर ने उमाचरण धाकड ने प्रशासन ने खुले आम चुनौती देते हुए सील हुए क्लीनिक के पास बंद पडी दुकानो में फिर से मरीजो को ईलाज करना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने इस दुकान को भी सील कर दिया। 

बताया गया है कि छापामार कार्रवाई के बाद एसडीएम ने इस कलीनिक के संचालक पर मामला दर्ज करने के लिए सीएमओ को लिखा,तो वही इस झोलाछाप डाक्टर उमाचरण धााकड ने प्रशासन को खुले आम चुनौती देते हुए बंद क्लीनिक के सील लगे तोले तोड दिए। और पुन:मरिजो को ईलाज करने लगा था। 

शिवपुरी की मिडिया इस मामले को लगतार प्रकाशित कर रही थी। प्रशासन ने इस झोलाछाप डॉक्टर को सरकारी दमाद मानते हुए एफआईआर दर्ज नही करवा रहा था। स्वास्थय विभाग शिवपुरी के लिए यह मामला चुनौती बन गया था। प्रशासन ने ल्रगभग 60 दिन बाद इस झोलाछाप डॉक्टर पर कोलारस थाने में एफआईआर करवा सका। शिवपुरी का यह सभंवत:ऐसा पहला मामला हो जहां किसी झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई करने में 60 दिन का समय लगा हो।

उपकार क्लीनिक के संचालक पर कोलारस बीएमओ अल्का त्रिवेदी की फरियाद पर धारा 188 आईपीसी (IPC Section 188 ) - लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा।का मामला दर्ज किया गया है। अभी बताया जा रहा है कि इस झोलाछाप डॉक्टर पर अभी और धाराओ में भी मामला दर्ज हो सकता हैं।