अस्पताल में एक सैकड़ा डॉक्टर होने के बावजूद हो रहा है केवल प्राथमिक उपचार ,एडवोकेट तिवारी ने भेजा नोटिस | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। जिले की लगभग 17 लाख की आबादी के लिए जिला अस्पातल में उपचार नही है,अभी जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने के कारण डॉक्टरो की नवीन पदस्थपना हुई है,लेकिन जिला अस्पताल के हालात वही की वही है,लगभग एक सैकडा डॉक्टर होने के बाद भी शिवपुरी के जिला अस्पातल में केवल प्राथमिक ईलाज हो रहा है। बताया जा रहा है कि मेडिकल में पदस्थ डॉक्टरो ने यहां आकर अपनी दुकाने जमा ली हैं,प्राईवेट नर्सिंग होमो में अपनी सेवाए दे रहे है। इन्ही अभी हालात को देखकर शिवपुरी के एडवोकेट विजय तिवारी ने मप्र शासन को नोटिस भेजा हैं। 

कलेक्टर से भी कर चुके हैं शिकायत

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर डयूटी पर नहीं आते हैं इसकी शिकायत जिला अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ के द्वारा कलेक्टर अनुग्रह पी से भी की थी लेकिन उसके बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं और डॉक्टरों की उपस्थिति के लिए हाजिरी रजिस्टर या बायोमैट्रिक उपस्थिति न होने से यह अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं

मेडिकल कॉलेज में अस्पताल नहीं इसलिए देनी होंगी सेवाएं

शिवपुरी में बनाए गए मेडिकल कॉलेज के पास अभी कोई अस्पताल नहीं हैं ऐसे में उसे जिला अस्पताल से संबद्ध किया गया है ऐसे में मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टरों को अपनी सेवाएं जिला अस्पताल में देनी होंगी। इसके लिए जिला अस्पताल में उनके लिए कक्ष भी निरधारित किए गए हैं लेकिन डॉक्टरों के न बैठने से यहां हर दिन मरीजों की कतार देखी जा सकती है।

24 विशेषज्ञ, 40 रेजीडेंट डॉक्टर की हुई है भर्ती

मेडिकल कॉलेज में 24 विशेषज्ञ, 40 रेजीडेंट डॉक्टर की भर्ती हुई है और जिला अस्पताल के डॉक्टरों को मिलाकर संख्या 100 के करीब हैं ऐसे में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार तक नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं नर्स, बार्ड ब्याय सहित अन्य स्टाफ की भी भर्ती की गई है जिस पर हर माह इन्हें करोडों का वेतन दिया जा रहा है लेकिन यह लोग जिला अस्पताल में अपनी डयूटी तक समय से नहीं दे रहे हैं।

विशेषज्ञ के 28 पद तो मेडिकल आफीसर के 7 पद खाली

जिला अस्पताल की बदहाली किसी से छुपी नहीं हैं यहां विशेषज्ञ डॉक्टों के 28 पद तो मेडिकल आफीसर के 7 पद खाली है। इसके अलावा स्टाफ नर्स के 68, मैट्रन 8, नाक, कान गला रोग के दो पद हैं लेकिन दोनों ही रिक्त हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ के तीन पद रिक्त हैं इसी तरह से अन्य डॉक्टरों के पद खाली हैं ऐसे में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को जिला अस्पताल में तैनात कर व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया गया था लेकिन यह अपने कर्तव्य का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं जिससे मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।

एडवोकेट तिवारी ने भेजा नोटिस

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, कलेक्टर, सीएमएचओ, डीन सहित, प्रमुख सचिव शिक्षा को एडवोकेट विजय तिवारी ने नोटिस भेजा है। इस नोटिस के जरिए कहा गया है कि मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर अपनी सेवाएं जिला अस्पताल में नहीं दे रहे हैं। जबकि वे अपने निर्जी नर्सिंग होम संचालित कर रहे हैं जबकि जिला अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। 

ऐसे में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को जिला अस्पताल में लगाया गया है जिससे यहां आने वाले मरीजों को उपचार मिल सके लेकिन वे यहां बैठ ही नहीं हैं जिसके नतीजे में मरीजों को उपचार के लिए बाहर तक जाना पड़ रहा है।

तिवारी का कहना है कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं किया गया और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई नही की तो वे जनहित याचिका भी लगाएंगे। तिवारी का कहना है कि यूरेटस के ऑपरेशन भी निजी नर्सिंग होम पर यह डॉक्टर कर रहे हैं जिससे यह मरीजों से मोटी फीस भी ले रहे हैं।

डॉक्टर चला रहे प्रायवेट क्लीनिक

तिवारी का कहना है कि जिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती मेडिकल कॉलेज में की गई है और उन्हें फिलहाल अपनी सेवाएं जिला अस्पताल में देनी है वह अपनी सेवाएं अस्पताल में न देते हुए अपने निजी क्लीनिक पर दे रहे हैं। तिवारी ने बताया कि डॉ गिरीश व डॉ ऋतु अपना आंखों का क्लीनिक चला रहे हैं इसी तरह से डॉ पंकज शर्मा, डॉ रीतेश यादव, डॉ शिशिर धीर, डॉ गौरव जैन व डॉ शिखा जैन अपने अपने क्लीनिक संचालित कर मरीजों को देख रहे हैं।

यह बोली डीन
हमने जिला अस्पताल में डॉक्टरों की डयूटी लगाई है यदि डॉक्टर डयूटी में लापरवाही कर रहे हैं तो उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
डॉ इला गुजरिया, डीन मेडिकल कॉलेज शिवपुरी