शिवपुरी। तीन राज्यों को जोडऩे वाले शिवपुरी के पोहरी रोड़ पर स्थित कै. राजमाता विजया राजे सिंधिया के नाम पर पूर्व भाजपा की सरकार द्वारा बनाया गया नवीन बस स्टेण्ड बस संचालकों एवं दबंग लोगों द्वारा खुले रूप से अतिक्रमण की चपेट में ले लिया हैं। इसकी जानकारी नगर पालिका प्रशासन को होने के बाद भी इन अतिक्रमण कारियों के विरूद्ध कोई भी कार्यवाही करने में असहाय नजर आ रही हैं।
जबकि पूर्व में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बस स्टेण्ड के अंदर एवं बाहर लगी गुमटियों को हटा दी गई थी। लेकिन अतिक्रमण कारियों द्वारा प्रशासनिक आदेश को ठेंगा दिखाते हुए एक बार पुन: बस स्टेण्ड अतिक्रमण की चपेट में ले लिया हैं। जिससे बसों के आवागमन एवं यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं आए दिन बस स्टेण्ड के नजदीकी क्षेत्र एवं पोहरी रोड़ पर जाम की स्थिति निर्मित होती रहती हैं। यहां पर न तो यातायात पुलिस कर्मी तैनात हैं जो यातायात को संचालित करे। बस संचालकों का यहां पर एक क्षत्र राज व मनमानी चल रही है। लेकिन इसके बाबजूद भी नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई सार्थक प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
अतिक्रमण कर जीने को दिया दुकान का रूप
शासन द्वारा बस संचालकों की सुविधा के लिए करोड़ों रूपए व्यय कर नवीन बस स्टेण्ड का निर्माण कराया गया था। जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए लगभग एक सैकड़ा दुकानों का निर्माण किया गया था। जिसकी नीलामी नगर पालिका प्रशासन द्वारा कर दी गई थी। लेकिन यात्रियों आराम करने की दृष्टि बनाए गए बरामदा व जीने के नीचे दबंग लोगों द्वारा दुकान का रूप देकर अतिक्रमण कर लिया गया है। इतना ही नहीं जीने के नीचे अस्थाई रूप से लोहे के सरियों के माध्यम से फाटक लगाकर एक बस संचालक द्वारा खुलेआम अपनी बसों की सामिग्री रखकर अतिक्रमण कर लिया गया हैं। इतना ही नहीं पीछे अपनी कण्डम बसों को भी रखे हुए हैं। जिसकी जानकारी नपा प्रशासन को होने बाद भी बस संचालक के विरूद्ध कोई दण्डात्मक कार्यवाही नहीं न ही यह अतिक्रमण हटाने का साहस नपा प्रशासन जुटा पाई।
मीट मार्केट में तब्दी हुआ पोहरी बस स्टेण्ड
पोहरी रोड़ पर बस स्टेण्ड की बाउण्ड्री बाल के बाहर अतिक्रमण कर रखी गुमटियों में सरेआम अतिक्रमणकारियों द्वारा मास का विक्रय किया जा रहा हैं। जिससे बस स्टेण्ड पर आने जाने वाले यात्रियों को भारी दुर्गन्ध का सामना करना पड़ता हैं साथ ही ऐसी भीषण गर्मी में संक्रामक बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ हैं। जबकि खुले रूप से क्षेत्र में मास का विक्रय करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हैं। लेकिन इसके बाबजूद भी पोहरी रोड़ पर रखी हुई इन अतिक्रमण की स्टॉलों में मास का विक्रय किया जा रहा हैं। इतना ही नहीं कटे हुए जानवरों के अबशेष भी नजदीकी क्षेत्र में फैंक दिए जाते हैं। जिसकी बजह से क्षेत्र में चारों ओर दुर्गन्ध फैल रही हैं। अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन इस ओर ध्यान देगी या नहीं।
होटल संचालक द्वारा बरामदे में अतिक्रमण
बस स्टेण्ड की दुकानों में संचालित होटल संचालक द्वारा अतिक्रमण कर तख्त एवं कुर्सी टेबिल लगाकर अतिक्रमण कर लिया गया हैं। जबकि उक्त बरामदा यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया था। जहां पर यात्री बैठकर अपने गंतव्य की बस का इंतजार तथा विश्राम कर सकें। लेकिन होटल संचालक द्वारा शासकीय बस स्टेण्ड के बरामदे पर अपने होटल का फैलारा फैला दिया गया हैं। होटल के तख्तों एवं कुर्सी टेबिल पर नास्ता अथवा खाना खाने के बाद नागरिकों द्वारा गंदगी फैलाई जा रही है। गंदगी की बजह से यात्रियों को यहां बैठना दुस्वार हो रहा है। लेकिन इसके बाबजूद भी होटल संचालक द्वारा बरामदे में विछाए गए तख्त एवं कुर्सी टेबिलों को हटाने की जहमत नहीं उठाई है और न ही प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं।
आखिर कब होगा बस स्टेण्ड अतिक्रमण मुक्त?
प्रशासनिक अधिकारियों के लापरवाही एवं उपेक्षा पूर्ण रवैये के चलते बस सटेण्ड पर दबंग लोगों द्वारा शासकीय संपत्ति पर खुलेआम अतिक्रमण किया गया हैं। ऐसा भी नहीं है कि उक्त जानकारी से प्रशासनिक अधिकारी अनभिज्ञ हो। जिसका खामियाजा बस स्टेण्ड पर आने वाले यात्रियों को बेवजहही उठाना पड़ रहा हैं। समाचार पत्रों के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान बार-बार इस ओर आकर्षित किया गया हैं लेकिन इसके बाबजूद भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बस स्टेण्ड को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कोई सार्थक पहल नहीं की गई। जबकि नगर पालिका प्रशासन के कर्मचारी व अधिकारी यहां पर 24 घंटे तैनात रहते हैं इसके बाबजूद भी यहां अतिक्रमण कैसे हो गया? हो भी गया तो फिर इसे आज तक क्यों नहीं हटाया गया? यह एक विचारणीय प्रश्न बना हुआ हैं। अब देखना यह है कि भविष्य में कब तक बस स्टेण्ड अतिक्रमण मुक्त हो पायेगा या नहीं?
इनका कहना है
आपके द्वारा पोहरी बस स्टेण्ड के अतिक्रमण का मामला संज्ञान में लया गया हैं अभी आचार संहिता लगी हुई है। इसके समाप्त होते ही अतिक्रमण कारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
के.के. पटेरिया, मुख्य नगर पालिका अधिकारी,शिवपुरी
