नशे के इंजेक्शन का आदी हैं विवेक, 2 बार कर चुका है आत्महत्या का प्रयास, पढ़िए कैसे है पूरा घर बर्बाद | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। कहते है कि घर का कोई एक भी सदस्य ड्रग्स लेता हैं तो उसका पूरा परिवार बर्बाद हो जाता हैं,नशे का आदी व्यक्ति अगर नशा छोडना भी चाहता है तो वह उससे दूर नही हो पाता। शिवुपरी के एक घर के बेटे के कारण पूरा परिवार बर्बाद हो गया। युवक की मां प्रतिदिन उसे मरते हुए देखती हैं और मां का क्लेजा उसे देख नही पाता हैं और वह उसे देखकर बेहोश हो जाती हैं। ऐसा ही एक मामला शिवुपरी की पत्रकार निशि भार्गव ने कवर किया है।
पुरानी शिवुपरी का अहीर मोहल्ला में निवासरत भानू राजपूत का पुत्र विवेक राजपूत स्मैक के नशे का आदी हो चुका हैं। उसकी नशे की लत के कारण पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान हैं। विवेक को जब स्मैक नही मिलती है तो वह पागलो जैसी हरकत करने लगता हैं। वह तडपने लगता है और अपने हाथो से अपने शरीर को नुकसान पहुचाने लगता है। उसके शरीर मेें नसे खुन से ज्यादा नशा मांगती हैं। 

विवेक ने बताया कि उसका शरीर जब उससे नशा मांगता है और पैसे न होने के कारण जब वह नशे के इजेंक्शन खरीद नही पाता है तो उसे पेट में दर्द, उल्टी,दस्त ओर भूख् न लगना नीद नही आने की परेशानी होने लगती हैं। ऐसी स्थिती में वह अपने घर बालो को इमोसनील ब्लेकमैेल करने लगता हैं,ओर अपनेे हाथ को काटने लगता हैं। 
विवेक ने कैमरे के आगे यह भी स्वीकार किया की वह अब मरना चाहता है। नशे की लत को वह छेाडना चाहता हैं लेकिन अब यह लत उससे छुट नही रही हैंं। विवेक की मानसिक स्थिती खराब हैं इससे पूर्व वह 2 बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका हैं। अब वह जीना नही चाहता हैं मरना चहता है। 

विवके की मां मामता राजपूत ने बताया कि वह गलत संगत मे आकर मेरा बेटा नशा करने लगा। नशे की लत के कारण उसका बेटा अब किसी काम का नही रहा हैं। उसे अब सिर्फ नशा चाहिए। अगर उसके पास नशे का समान खरीदने के लिए पैसे नही होते तो वह अपने शरीर को हमारे सामने नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है। जिसे देखकर मेरा क्लेजा बहार आने को करता हैं और मुझे चक्कर आने लगते हैं। 

इस पूरे मामले में को देखकर कई सवालो का जन्म हो रहा हैं कि नशा करने वाला सहित उसका पूरा परिवार इस नशे के कारण बर्बाद हो रहा हैं,समाज के लिए इतना घातक नशा शिवुपरी की गलियो में कैसे बिक रहा हैं। जब मानसिक रूप से बीमार नशेडी इन नशे के कारोबारियो के पास पहुच जाते हैं तो पुलिस क्यो नही। 

क्या पुलिस का मुखबिर और पुलिसिंग इतनी कमजोर है कि वह इन नशे के अडडो पर रोक नही लगा सकती हैं। हालाकि पिछले दिनो में पुलिस ने कई बार स्मैक लाते-लेजाते आरोपियो को पकडा हैं फिर भी शहर में सफेद पावडर खुले आम बिक रहा है और समाज को तबाह कर रहा हैं।

पुलिस को यह स्मेक बेचने वाले दिखते नही हैं या और कुछ और बता है। ऐसे सवाल कई खडे है। जो अपने सवाल के जबाब के इंतजार में हैं।वही ऐसे नशे के आदी व्यक्ति की दिमाग काम नही करता हैं,वह कम पैसो के लिए कैसा भी क्राईम कर सकता है। ऐसे क्राईम करने के कई बार उदाहरण हमारे सामने आते रहते हैं,इंदौर में 6 माह की बच्ची के बलात्कार का आरोपी भी ऐसे ही नशे का आदी था। 

शिवपुरी में राम स्टील के पास हुआ मर्डर और माधव चौक चौराहे के पास पुलिस सहायता केन्द्र के पास सिर्फ चंद रूपयो के लिए ऐेसे ही एक नशेडी युवक ने अपने साथी की हत्या पत्थर से कुचलकर कर दी थी। शिवपुरी में अगर इस नशे पर अकुंश नही लगा तो घर तो बर्बाद होंगेें ही साथ क्राईम में भी बढोत्तरी होगी तो कोई आश्चर्य बाली बात नही होंगी। पुलिस को तत्काल ऐसी नशे की दुकानो पर कार्रवाई करनी होंगी।