शिक्षकों के अवकाशों में शासन ने की कटौती, शिक्षकों में आक्रोश, शिक्षकों के हकों पर किया कुठाराघात | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। शासकीय निर्देशानुसार शिक्षकों को अब 10 जून से शिक्षण संस्थाओं में अपनी हाजिरी देना होगी। इस योजना के तहत शिक्षकों को 10 से 15 जून तक शासन की योजना के कार्यों का क्रियान्वयन करना होगा। साथ ही 16 जून से नवीन शिक्षण सत्र प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिससे शिक्षकों को मिलने वाला विश्रामावकाश  में तो कमी आएगी ही साथ ही इस दौरान शिक्षकों से विभिन्न प्रकार की बेगारें ली जायेंगी।

जानकारी के अनुसार शिक्षकों को 10 जून से अपनी-अपनी शिक्षण संस्थाओं में उपस्थिति दर्ज कराना होगी। इस दौरान शिक्षकों को स्वच्छता योजना, प्रयोगशाला की तैयारी, महावार शिक्षण, शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन समय सारिणी, लेखन प्लान, बालक शिक्षक संघ अधिकाधिक नामांकन, ठहराव, दर के लिए भेंट बैठक की फीडिंग, मीडिल से 9 वीं में प्रवेश के लिए संपर्क,ब्रिजकोर्स तथा रेमेडीयल टीचिंग इत्यादि गतिविधियों का संचालन कराया जाएगा। 

16 जून से नवीन सत्र प्रारंभ हो जाएगा। गौरतलब तथ्य यह है कि क्या 16 जून से शिक्षण संस्थाओं में छात्र उपस्थित हो सकेंगे? जबकि हकीकत यह है कि छात्र अधिकांशत: 1 जुलाई से ही आना प्रारंभ होते हैं। जिससे यह सहज ही प्रतीत होता है कि शिक्षकों के अवकाशों में कटौती की गई है।

क्यों न दिया जाए अर्जित अवकाश
शासकीय योजना के अनुसार आगामी शिक्षक सत्र में शिक्षकों को 10 जून से शिक्षण संस्थाओं में अपनी उपस्थिति देना होगी। जून माह में अभी तक शिक्षकों को विश्रामावकाश दिया जाता रहा हैं। लेकिन इसमें कटौती कर शिक्षकों से विभिन्न प्रकार के कार्य कराए जायेंगे। जिसका शासकीय अन्य विभागों में कर्मचारियों को प्रथक से लाभ दिया जाता हैं। 

लेकिन शिक्षकों को कटौती के एवज में किसी भी लाभ की घोषणा शासन द्वारा नहीं की गई हैं। जिससे शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त हैं  और वे कहते नजर आ रहे हैं कि पहले तो 10 दिवस अर्जित अवकाश मिला फिर कुछ समय बाद ही उस सुविधा को छीन लिया गया। जो कि हमारे साथ शासन द्वारा एक प्रकार से छल किया जा रहा हैं। विश्रामावकाश की जगह क्यों न शिक्षकों को अन्य विभागों की तरह अर्जित अवकाश का लाभ दिया जाए।

शिक्षकों की सेवापुस्तिका में है ही नहीं अर्जित अवकाश
शासन अभी हाल ही में शासकीय कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले अवकाशनगदी करण 240 की 300 दिन कर दिया गया हैं, लेकिन शिक्षकों को इस सुविधा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा क्योंकि उनकी सेवा पुस्तिका के अवकाश लेखा में अर्जितवकाश का उल्लेख ही नहीं है। तब फिर ऐसी परिस्थिति में शिक्षकों को अर्जित अवकाश का लाभ किस तरह से मिल पाएगा? यह शिक्षकों के साथ सबसे बड़ी विसंगति हैं।