शिवपुरी। चुनाव को लेकर जारी आचार संहिता की लपेट में देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले शहीद भी आ रहे हैं। शिवपुरी जिला प्रशासन के मनमाने प्रतिबंध का सामना वीर शहीद तात्या टोपे को भी करना पड़ा है। सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने वाले शहीद तात्या टोपे की याद में शिवपुरी में हर साल लगने वाला शहीद मेला लोकसभा चुनाव की आचार संहिता का शिकार हो गया है।
18 अप्रैल गुरुवार को तात्या टोपे का बलिदान दिवस था लेकिन शिवपुरी में लोकसभा की आचार संहिता के कारण यहां लगने वाले शहीद मेले को औपचारिकता तक सिमट कर रह जाना पड़ा है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के फेर में यहां हर साल निकाली जाने वाली मशाल यात्रा की परमिशन जिला प्रशासन द्वारा नहीं दी गई।
लोकसभा चुनाव का बहाना बनाकर शिवपुरी एसडीएम ने इस मशाल यात्रा की परमिशन देने से एनजीओ बीपीएम जय हिंद मिशन को इंकार कर दिया। इसके अलावा पुरातत्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से लगाई जाने वाली क्रांतिकारियों से जुड़ी हथियार और फोटो प्रदर्शनी नहीं लगी। दिखावे के लिए स्वराज संस्थान द्वारा एक फ़ोटो प्रदर्शनी अवश्य लगी।
इसके अलावा आचार संहिता का डर दिखाकर कार्यक्रमों को छोटा कर दिया गया। दिखावे के लिए गुरुवार की सुबह तात्या टोपे को श्रद्धांजलि जरूर दी गई लेकिन सीआरपीएफ और आइटीबीपी जो हथियारों की प्रदर्शनी लगाने के लिए यहाँ आते हैं उन्हें भी आमंत्रित नहीं किया गया। कुल मिलाकर आचार संहिता की आड़ लेकर रस्म अदायगी के लिए छोटा कार्यक्रम करके केवल वीर शहीद को श्रद्धांजलि दे दी गई।
प्रतिमा स्थल की हालत खराब
शिवपुरी में स्थित वीर तात्या टोपे के प्रतिमा स्थल के आस-पास के पास जो ग्राउंड है वहां पार्क निर्माण का काम होने के कारण इस मैदान की हालत खराब है। यहां पर जगह-जगह गीली मिट्टी और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। सफाई के नगर पालिका द्वारा कोई आवश्यक प्रबंध नहीं किए गए इसके कारण पूरा ग्राउंड बदतर स्थिति में है। इस बदहाल स्थिति के बीच स्वराज संस्थान भोपाल से आए लोगों को यहां कार्यक्रम आयोजित करना पड़ रहा है। प्रचार-प्रसार ना होने के कारण भी लोग श्रद्धांजलि सभा में कम जुटे।
क्या कहा बीपीएम जय हिंद संस्था के प्रतिनिधि ने
तात्या टोपे के बलिदान दिवस पर हम हर साल मशाल जुलूस यात्रा निकालते हैं लेकिन हमें लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते एसडीएम ने परमिशन नहीं दी। कलेक्टर से भी मिले थे लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस कारण इस बार मशाल यात्रा नहीं निकाली गई।
विजय मौर्य
प्रतिनिधि बीपीएम जय हिंद संस्था
क्या कहना है संस्था प्रतिनिधि का
इस बार मशाल यात्रा नहीं निकली। इसके अलावा हथियारों की प्रदर्शनी भी नहीं लगी और कार्यक्रम काफी संक्षिप्त रहे। केवल दिखावे के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि तात्या टोपे इतने बड़े शहीद बलिदानी थे कि देश को उनकी शहादत पर फक्र है। शिवपुरी के प्रशासन ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता का बहाना बनाकर कई कार्यक्रमों से दूरी बना ली।
नितिन शर्मा
आर्यावत संस्था शिवपुरी

