PM आवास योजना: अतिक्रमण में बने 6 पीएम आवास प्रशासन ने गिराए | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। शहर के वार्ड क्रमांक 1 स्थित कठमई कॉलोनी में आदिवासी वर्ग के लगभग आधा दर्जन मकानों को प्रशासन शाम 6 बजे बगैर चेतवानी दिए ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन न्यायाधीशों के आवास बनाने के लिए स्वीकृत की गई हैं। लेकिन जिन आदिवासियों के मकान टूटे हैं उनका कहना है कि हमें कांग्रेस के शासन काल में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत वर्ष 2003 में शासन ने 25 वर्ष पूर्व आवासीय भूखण्ड के अधिकार पत्र प्रदान किए गए थे। जिन पर शासन द्वारा ही मकान निर्मित करवा कर हमें प्रदान किए गए हैं। 

लेकिन इसके बाद अब ऐसा क्या हुआ कि हमें बेघर किया जा रहा हैं। क्या हमें इंसानों की तरह रहने का हक नहीं हैं। एक तरफ तो सरकार आदिवासी आवास सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से ढाई लाख रूपए उपलब्ध करा रही हैं लेेकिन इन आदिवासियों के साथ प्रशासन का ऐसा अन्याय क्यों। जानकारी देते हुए कल्लू पुत्र स्व. बारेलाल आदिवासी  एवं राजेन्द्र आदिवासी, बृजलाल आदिवासी, सुधर सिंह आदिवासी, ने बताया कि बीते रोज शाम लगभग 6 बजे 6 मकानों को हिटैची मशीन से तोड़कर ध्वस्त कर दिया गया हैं। 

मकान तोडऩे से पूर्व हमें लिखित में कोई सूचना नहीं दी न ही कोई चेतावनी दी गई। हमारे द्वारा कार्यवाही को रोकने का पुरजोर निवेदन किया लेकिन गया परन्तु अमानवीय रूप से कार्यवाही कर दी गई है। अचानक हमारे मकानों पर मशीन चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। जिससे हम बरसते पानी में भींगते रहे और हमारा पूरा सामान खराब हो गया। आदिवासी परिवारों ने प्रशासन से निवेदन किया है कि हम गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हैं, आर्थिक स्थिति दयनीय है रहने के लिए अन्य कोई आवास नहीं है।