नदी में नहाते में 12 साल के मासूम का हाथ मगरमच्छ ने मुंह में जकडा, दोस्तों की हिम्मत की पानी में पत्थरों से भगा दिया | Pichhore, SHIVPURI NEWS

पिछोर। खबर जिले के पिछोर अनुविभाग के मायापुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरौआ से आ रही है। जहां बीते रोज ऐर नदी में नहाते समय एक 12 वर्षीय मासूम को एक मगरमच्छ ने अपना निशाना बनाते हुए अपने जबडे में जकड लिया। इस घटना से मासूम को मगरमच्छ खींचकर पानी में ले जाने लगा। जिसपर मासूम ने बहादुरी का परिचय देते हुए अपने दोस्तों से मगर को पत्थर मारने की कहा। जिसपर दोस्तों ने मगरमच्छ पर पत्थरों से हमला बोल दिया। इस हमले से मगरमच्छ डर गया और मासूम को छोडकर भाग गया। 

जानकारी के अनुसार कुम्हरौआ गांव के पास तीन किमी दूर से ऐर नदी गुजरी है। बीते दोपहर 12 वर्षीय जितेन्द्र गुर्जर अपने दोस्तों के साथ भैंस चराने नदी के पास गया हुआ था। गर्मी अधिक होने के चलते जितेन्द्र अपने दोस्तों के साथ भैंसो को पानी पिलाने नदी में ले गया। नदी में जगह जगह पानी भरा होने के चलते जितेन्द्र पुत्र महेश गुर्जर अपने देास्त सोनू ,राजीव और रिंकेश के साथ नदी में नहाने लगे। 

अचानक नहाते वक्त मासूमों को मगरमच्छ आता दिखाई दिया। किसी तरह तीनों दोस्त पानी से बाहर निकल आए। पानी से नहीं निकल पाने पर जितेंद्र को मगरमच्छ ने जबड़े में दबोच लिया। इसके बाद मगरमच्छ के चंगुल से छूटना मुश्किल नजर आने लगा। 

जितेंद्र ने हिम्मत से काम लिया, दोस्तों से मगरमच्छ को पत्थर मारने के लिए कहा 

मगरमच्छ ने आकर हाथ जकड़ लिया। इससे जितेंद्र घबराया नहीं और साहस से काम लिया। मगरमगच्छ की जकड़ से छूटने के लिए काफी जद्दोजहद की। जितेंद्र ने तीनों साथी सोनू, राजीव और अंकेश से पत्थर उठाकर मगरमच्छ को मारने के लिए कहा। जैसे ही तीनों साथी मगरमच्छ पर पत्थरों से हमला करने लगे। घबराकर मगरमच्छ ने जितेंद्र का हाथ छोड़ा और पानी में समा गया। 

पानी से बाहर निकलकर चाचा को फोन लगाया, अस्पताल में भर्ती कराया 
मगमच्छ की पकड़ से छूटकर जितेंद्र बाहर आया और मोबाइल से सबसे पहले अपने चाचा को फोन पर सारी घटना बता दी। चाचा नदी पर पहुंचे और जितेंद्र को बाइक से अस्पताल लेकर आए। जितेंद्र के जख्मी हाथ पर प्लास्टर चढ़ाया गया है। यदि जितेंद्र हिम्मत से काम नहीं लेता और तीनों साथी उसे बचाने के लिए पत्थर नहीं मारते तो मगरमच्छ जितेंद्र की जान ले लेता।