शिवपुरी में फार्मासिस्ट संजय शर्मा को क्लिनिक में घुसकर पीटा, बुलाने पर पुलिस नहीं आई

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शहर के देहात थाना क्षेत्र स्थित खेड़ापति मंदिर के पास शासकीय संजीवनी स्वास्थ्य केंद्र में  पदस्थ फार्मासिस्ट संजय शर्मा के साथ कुछ युवकों ने क्लिनिक में घुसकर बेरहमी से मारपीट कर दी। घटना के दौरान पीड़ित ने डायल-112 पर कॉल कर मदद मांगी, लेकिन आरोप है कि पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और उन्हें थाने जाकर शिकायत करने की सलाह दे दी गई।

मारपीट में घायल फार्मासिस्ट को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन पुलिस रिस्पॉन्स पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्वास्थ्य केंद्र के बाहर खड़े वाहनों से मरीजों को होती है परेशानी
फार्मासिस्ट संजय शर्मा ने बताया कि संजीवनी स्वास्थ्य केंद्र के बाहर अक्सर लोडिंग वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ वाहन चालक और उनके साथ मौजूद लोग क्लिनिक की दीवार पर ही टॉयलेट कर देते हैं, जिससे पूरे परिसर में गंदगी और बदबू का माहौल बना रहता है। संजय शर्मा के मुताबिक, यह समस्या नई नहीं है। उन्होंने इस संबंध में पहले भी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था, लेकिन हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

सुबह वैक्सीन बॉक्स लेने पहुंचे थे, तभी शुरू हुआ विवाद
घायल फार्मासिस्ट के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8 बजे वे स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन का बॉक्स रिसीव करने पहुंचे थे। उस समय केंद्र के बाहर एक युवक का वाहन खड़ा था, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो रहा था। संजय शर्मा ने जब युवक से वाहन हटाने के लिए कहा, तो वह इस बात पर आक्रोशित हो गया। आरोप है कि युवक ने पहले तो गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर क्लिनिक के भीतर घुस आया। विवाद बढ़ने पर उसने अपने मोबाइल से फोन कर कुछ और लोगों को बुला लिया। थोड़ी ही देर में एक अन्य व्यक्ति भी मौके पर पहुंच गया और दोनों ने मिलकर फार्मासिस्ट पर हमला बोल दिया।

लात-घूंसों से की मारपीट, भविष्य में टोकने पर जान से मारने की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उसके साथ लात-घूंसों से जमकर मारपीट की। हमला इतना अचानक और उग्र था कि वे खुद को संभाल भी नहीं सके। मारपीट के दौरान आरोपियों ने उन्हें भविष्य में दोबारा टोकने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना से स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ और आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

डायल-112 पर मदद मांगी, लेकिन मौके पर नहीं पहुंची पुलिस
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि मारपीट के दौरान संजय शर्मा ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस सहायता मांगी, लेकिन उनकी मदद के लिए कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची।पीड़ित के अनुसार, पुलिस की ओर से उन्हें थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई। इससे न सिर्फ उन्हें तत्काल मदद नहीं मिल सकी, बल्कि आरोपी आराम से मौके से फरार भी हो गए। इसके बाद संजय शर्मा ने अपने जीजा को फोन कर बुलाया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर उन्हें संभाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

अस्पताल पहुंची पुलिस, बयान के आधार पर होगी एफआईआर
मामले को लेकर देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि पुलिस टीम जिला अस्पताल पहुंचकर घायल फार्मासिस्ट के बयान दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना यह होगा कि सरकारी स्वास्थ्यकर्मी पर हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी कितनी जल्दी होती है और डायल-112 की कथित लापरवाही की भी जांच होती है या नहीं।