शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के पति संजय शर्मा का नगर पालिका में हस्तक्षेप रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अभी ताजा मामला नगर पालिका शिवपुरी कार्यालय से जबरिया कैशबुक का अपहरण करने का आया है। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पूर्व भी नगर पालिका अध्यक्ष संजय शर्मा का नगर पालिका के हस्तक्षेप के मामले सामने आए थे,इससे पार्षद और नगर पालिका के कर्मचारी परेशान थे। इस कारण सिंधिया के दरबार से फरमान भी जारी हुआ था कि संजय शर्मा नगर पालिका के कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगे,महाराज के इस आदेश के बाद आज यह घटनाक्रम जन चर्चा का विषय बना है। वही इस पूरे मामले की शिकायत नगर पालिका के प्रभारी लेखपाल रविकांत झा ने सीएमओ को की है।
नगर पालिका के प्रभारी लेखपाल रविकांत झा ने अपने शिकायती आवेदन मे सीमएओ को बताया कि मैं, रविकांत झा, प्रभारी लेखापाल, नगर पालिका परिषद शिवपुरी, अपने पदस्थ दायित्वों का निर्वहन करते हुए निकाय अंतर्गत कार्यरत ठेकेदारों के भुगतान हेतु तैयार की गई नस्तियाँ/फाइलें, सूची अनुसार भुगतान स्वीकृति के लिए माननीय अध्यक्ष महोदया के हस्ताक्षरार्थ लेकर गया था।
उक्त दौरान कुछ नस्तियों के संबंध में जानकारी चाही गई, किंतु संबंधित नस्ती तत्काल उपलब्ध न होने के कारण मेरे साथ अनुचित व्यवहार एवं बदसलूकी की गई। इतना ही नहीं, फाइल/नस्ती को फेंक दिया गया तथा मेरे द्वारा ले जाई गई समस्त नस्तियाँ अपने पास रख ली गई, जबकि उनकी कोई पावती/रसीद मुझे प्रदान नहीं की गई। इसके पश्चात मुझे वहाँ से चले जाने के लिए कहा गया।
इसके कुछ समय बाद माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा कैशबुक प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। आदेश के पालन में, नगर पालिका निधि एवं अनुदान—दोनों की कैशबुक अध्यक्ष महोदय के समक्ष प्रस्तुत की गईं। उक्त कैशबुक का अवलोकन अध्यक्ष पति द्वारा भी किया गया। तत्पश्चात अध्यक्ष महोदय एवं अध्यक्ष पति संजय शर्मा द्वारा वाहन चालक को बुलाकर उक्त कैशबुक उसे सौंप दी गईं, और वे कैशबुक अपने साथ ले गए।
साथ ही, किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किए जाने हेतु मौखिक निर्देश भी दिए गए
महोदय, जब भी अध्यक्ष महोदय के निवास पर नस्तियाँ/फाइलें लेकर जाना पड़ता है, तब प्रार्थी के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, तथा नौकरी समाप्त/खाने की धमकी भी दी जाती है। इन परिस्थितियों के कारण प्रार्थी मानसिक रूप से अत्यंत परेशान, तनावग्रस्त एवं असुरक्षित महसूस कर रहा है। ऐसी स्थिति में निकाय की लेखा शाखा में निष्पक्ष, विधिसम्मत एवं निर्बाध रूप से कार्य करना अत्यंत कठिन हो गया है।
सीएमओ का काला मुंह कर देगें
यह घटना बीते रोज गुरुवार की बताई जा रही है। इस मामले का 3 मिनिट का वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमे नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा की आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही है। इस वीडियो में गायत्री शर्मा बोल रही है कि सीएमओ हमारी कृपा से यहा बना हुआ है उसका हम कभी भी काला मुंह कर देगें। कुल मिलाकर नगर पालिका की अंदरूनी लड़ाई अभी पिछले कुछ माह से शांत थी लेकिन इस वाक्य ने फिर इस जंग को हवा दे दी गई। इस अंदरूनी जंग में क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के शिवपुरी के विकास पर रुकावट आती है।
नगर पालिका के अंदरूनी तंत्र पर उठे सवाल
इस शिकायत ने नगर पालिका परिषद शिवपुरी के प्रशासनिक ढांचे और आंतरिक कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि भुगतान से जुड़ी नस्तियां और कैशबुक जैसी महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज कार्यालय के बजाय निजी स्तर पर संचालित हो रही हैं, तो इससे वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी?
नगर पालिका के प्रभारी लेखपाल रविकांत झा ने अपने शिकायती आवेदन मे सीमएओ को बताया कि मैं, रविकांत झा, प्रभारी लेखापाल, नगर पालिका परिषद शिवपुरी, अपने पदस्थ दायित्वों का निर्वहन करते हुए निकाय अंतर्गत कार्यरत ठेकेदारों के भुगतान हेतु तैयार की गई नस्तियाँ/फाइलें, सूची अनुसार भुगतान स्वीकृति के लिए माननीय अध्यक्ष महोदया के हस्ताक्षरार्थ लेकर गया था।
उक्त दौरान कुछ नस्तियों के संबंध में जानकारी चाही गई, किंतु संबंधित नस्ती तत्काल उपलब्ध न होने के कारण मेरे साथ अनुचित व्यवहार एवं बदसलूकी की गई। इतना ही नहीं, फाइल/नस्ती को फेंक दिया गया तथा मेरे द्वारा ले जाई गई समस्त नस्तियाँ अपने पास रख ली गई, जबकि उनकी कोई पावती/रसीद मुझे प्रदान नहीं की गई। इसके पश्चात मुझे वहाँ से चले जाने के लिए कहा गया।
इसके कुछ समय बाद माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा कैशबुक प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। आदेश के पालन में, नगर पालिका निधि एवं अनुदान—दोनों की कैशबुक अध्यक्ष महोदय के समक्ष प्रस्तुत की गईं। उक्त कैशबुक का अवलोकन अध्यक्ष पति द्वारा भी किया गया। तत्पश्चात अध्यक्ष महोदय एवं अध्यक्ष पति संजय शर्मा द्वारा वाहन चालक को बुलाकर उक्त कैशबुक उसे सौंप दी गईं, और वे कैशबुक अपने साथ ले गए।
साथ ही, किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किए जाने हेतु मौखिक निर्देश भी दिए गए
महोदय, जब भी अध्यक्ष महोदय के निवास पर नस्तियाँ/फाइलें लेकर जाना पड़ता है, तब प्रार्थी के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, तथा नौकरी समाप्त/खाने की धमकी भी दी जाती है। इन परिस्थितियों के कारण प्रार्थी मानसिक रूप से अत्यंत परेशान, तनावग्रस्त एवं असुरक्षित महसूस कर रहा है। ऐसी स्थिति में निकाय की लेखा शाखा में निष्पक्ष, विधिसम्मत एवं निर्बाध रूप से कार्य करना अत्यंत कठिन हो गया है।
सीएमओ का काला मुंह कर देगें
यह घटना बीते रोज गुरुवार की बताई जा रही है। इस मामले का 3 मिनिट का वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमे नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा की आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही है। इस वीडियो में गायत्री शर्मा बोल रही है कि सीएमओ हमारी कृपा से यहा बना हुआ है उसका हम कभी भी काला मुंह कर देगें। कुल मिलाकर नगर पालिका की अंदरूनी लड़ाई अभी पिछले कुछ माह से शांत थी लेकिन इस वाक्य ने फिर इस जंग को हवा दे दी गई। इस अंदरूनी जंग में क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के शिवपुरी के विकास पर रुकावट आती है।
नगर पालिका के अंदरूनी तंत्र पर उठे सवाल
इस शिकायत ने नगर पालिका परिषद शिवपुरी के प्रशासनिक ढांचे और आंतरिक कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि भुगतान से जुड़ी नस्तियां और कैशबुक जैसी महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज कार्यालय के बजाय निजी स्तर पर संचालित हो रही हैं, तो इससे वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी?