शिवपुरी। शिवपुरी शहर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर आज एक विवाहिता शिकायत लेकर पहुंची कि मेरे पति वन मंडल शिवपुरी में शासकीय सेवा में कार्यरत हैं, लेकिन वह शराब के नशे में न केवल मेरे साथ मारपीट करता हैं बल्कि मुझे व मेरे दो छोटे-छोटे बच्चों को घर से निकाल दिया हैं। तथा विवाहिता का आरोप हैं कि मेरे पति का किसी दूसरी महिला के साथ चक्कर हैं और वह उसी के कारण मुझे अपने साथ नहीं कर रख रहा। मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं।
जानकारी के अनुसार निवासी सिद्धेश्वर कॉलोनी की रहने वाली पीड़िता एकता खत्री ने बताया कि मेरा विवाह वर्ष 2019 में शिवपुरी की सिद्धेश्वर कॉलोनी के रहने वाले विकास खत्री के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराल पक्ष ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि पति 5 लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल की मांग कर रहा है और मांग पूरी न होने पर उसे और उसके दो पुत्रों आयुष्मान और आर्यमन को बेरहमी से पीटकर घर से निकाल दिया गया है।
कोर्ट के राजीनामे का भी नहीं रखा मान
एकता ने बताया कि पूर्व में पति के विरुद्ध कोर्ट में केस चला था, जिसमें विकास राजीनामा करके मुझे अपने घर ले आया था। लेकिन घर पहुँचते ही उसने फिर से मारपीट शुरू कर दी और मुझको घर से बाहर कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति शराब का आदि है और बुरी संगत में रहकर उस पर झूठे लांछन लगाता है। उसे गर्भावस्था के दौरान भी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था।
वेतन से भरण-पोषण दिलाने की मांग
वर्तमान में पीड़िता अपने बच्चों के साथ करौंदी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने को मजबूर है। पीड़िता ने बताया कि उसके पास आजीविका का कोई साधन नहीं है और पति बच्चों के खाने-पीने का खर्च भी नहीं उठा रहा है। उसने एसपी से मांग की है कि पति के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए और उसके शासकीय वेतन से बच्चों और पत्नी के लिए भरण-पोषण की राशि दिलाई जाए।
जानकारी के अनुसार निवासी सिद्धेश्वर कॉलोनी की रहने वाली पीड़िता एकता खत्री ने बताया कि मेरा विवाह वर्ष 2019 में शिवपुरी की सिद्धेश्वर कॉलोनी के रहने वाले विकास खत्री के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराल पक्ष ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि पति 5 लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल की मांग कर रहा है और मांग पूरी न होने पर उसे और उसके दो पुत्रों आयुष्मान और आर्यमन को बेरहमी से पीटकर घर से निकाल दिया गया है।
कोर्ट के राजीनामे का भी नहीं रखा मान
एकता ने बताया कि पूर्व में पति के विरुद्ध कोर्ट में केस चला था, जिसमें विकास राजीनामा करके मुझे अपने घर ले आया था। लेकिन घर पहुँचते ही उसने फिर से मारपीट शुरू कर दी और मुझको घर से बाहर कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति शराब का आदि है और बुरी संगत में रहकर उस पर झूठे लांछन लगाता है। उसे गर्भावस्था के दौरान भी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था।
वेतन से भरण-पोषण दिलाने की मांग
वर्तमान में पीड़िता अपने बच्चों के साथ करौंदी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने को मजबूर है। पीड़िता ने बताया कि उसके पास आजीविका का कोई साधन नहीं है और पति बच्चों के खाने-पीने का खर्च भी नहीं उठा रहा है। उसने एसपी से मांग की है कि पति के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए और उसके शासकीय वेतन से बच्चों और पत्नी के लिए भरण-पोषण की राशि दिलाई जाए।