कोलारस। कोलारस अनुविभाग में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से गरीबों को मिलने वाले राशन में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। एसडीएम अनूप श्रीवास्तव के निर्देश पर हुई जांच में खुलासा हुआ है कि ब्लॉक की तीन दुकानों से 14 लाख रुपये से अधिक का राशन खुर्द-बुर्द कर दिया गया है। इस मामले में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की रिपोर्ट पर तेंदुआ थाना में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें 3 प्रबंधक और सेल्समैन समेत कुल 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
गायब मिला पहाड़ जैसा स्टॉक
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम ने जब इन दुकानों का भौतिक सत्यापन किया, तो पीओएस (POS) मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद बोरियों में जमीन-आसमान का अंतर मिला। कुल 219.73 क्विंटल गेहूं और 242.62 क्विंटल चावल रिकॉर्ड से गायब पाया गया। इसके अलावा 960 किलो नमक और 268 किलो शक्कर की भी कालाबाजारी की गई।
इन तीन दुकानों पर गिरी गाज
देहरोद दुकान (FIR 1): यहां ई-केवाईसी में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन सेल्समैन रामवीर रावत को पहले ही हटाया गया था। जांच में स्टॉक में भारी कमी मिली। आरोपी: प्रबंधक हरिवल्लभ वर्मा, रामवीर रावत और धर्मपुरी गोस्वामी।
गोहरी दुकान (FIR 2): यहां प्राथमिक विपणन सहकारी संस्था तेंदुआ द्वारा संचालित दुकान में 132 क्विंटल से अधिक राशन और नमक गायब मिला। आरोपी: प्रबंधक सूरज लाल रावत, सेल्समैन राधेश्याम वर्मा और अमित यादव।
खई दुकान (FIR 3): संस्था के अध्यक्ष और प्रबंधक ने स्टॉक की कमी बताकर दुकान चलाने में असमर्थता जताई थी, लेकिन जब चार्ज हैंडओवर हुआ तो 128 क्विंटल राशन कम मिला। आरोपी: प्रबंधक हरिवल्लभ वर्मा, गोविंद रावत और रामनिवास रावत। (नोट: प्रबंधक हरिवल्लभ वर्मा दो अलग-अलग एफआईआर में नामजद हैं)।
लगातार बढ़ रही हैं शिकायतें
कोलारस क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन पर राशन न मिलने की शिकायतों का अंबार लगा हुआ था। कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन अब एक्शन मोड में है। पिछले एक साल के भीतर अकेले कोलारस ब्लॉक में राशन घोटाले से जुड़ी यह छठी एफआईआर है। एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि अभी 5 से 6 अन्य दुकानों की जांच भी अंतिम चरण में है, जहां जल्द ही बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
भौतिक सत्यापन में स्टॉक और मौके की स्थिति अलग पाई गई। नोटिस के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
अनूप श्रीवास्तव, एसडीएम कोलारस
गायब मिला पहाड़ जैसा स्टॉक
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम ने जब इन दुकानों का भौतिक सत्यापन किया, तो पीओएस (POS) मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद बोरियों में जमीन-आसमान का अंतर मिला। कुल 219.73 क्विंटल गेहूं और 242.62 क्विंटल चावल रिकॉर्ड से गायब पाया गया। इसके अलावा 960 किलो नमक और 268 किलो शक्कर की भी कालाबाजारी की गई।
इन तीन दुकानों पर गिरी गाज
देहरोद दुकान (FIR 1): यहां ई-केवाईसी में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन सेल्समैन रामवीर रावत को पहले ही हटाया गया था। जांच में स्टॉक में भारी कमी मिली। आरोपी: प्रबंधक हरिवल्लभ वर्मा, रामवीर रावत और धर्मपुरी गोस्वामी।
गोहरी दुकान (FIR 2): यहां प्राथमिक विपणन सहकारी संस्था तेंदुआ द्वारा संचालित दुकान में 132 क्विंटल से अधिक राशन और नमक गायब मिला। आरोपी: प्रबंधक सूरज लाल रावत, सेल्समैन राधेश्याम वर्मा और अमित यादव।
खई दुकान (FIR 3): संस्था के अध्यक्ष और प्रबंधक ने स्टॉक की कमी बताकर दुकान चलाने में असमर्थता जताई थी, लेकिन जब चार्ज हैंडओवर हुआ तो 128 क्विंटल राशन कम मिला। आरोपी: प्रबंधक हरिवल्लभ वर्मा, गोविंद रावत और रामनिवास रावत। (नोट: प्रबंधक हरिवल्लभ वर्मा दो अलग-अलग एफआईआर में नामजद हैं)।
लगातार बढ़ रही हैं शिकायतें
कोलारस क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन पर राशन न मिलने की शिकायतों का अंबार लगा हुआ था। कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन अब एक्शन मोड में है। पिछले एक साल के भीतर अकेले कोलारस ब्लॉक में राशन घोटाले से जुड़ी यह छठी एफआईआर है। एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि अभी 5 से 6 अन्य दुकानों की जांच भी अंतिम चरण में है, जहां जल्द ही बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
भौतिक सत्यापन में स्टॉक और मौके की स्थिति अलग पाई गई। नोटिस के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
अनूप श्रीवास्तव, एसडीएम कोलारस