शिवपुरी। बाजार की भीड़ में दादी से बिछड़ा 4 साल का मासूम परिवार के लिए चिंता का कारण बन गया, लेकिन पुलिस की तत्परता ने राहत दे दी। 29 मार्च 2026 को कंट्रोल रूम पर सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और सिर्फ 30 मिनट में बच्चे को ढूंढ निकाला। मासूम के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया।
29 मार्च 2026 को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि नवाब साहब रोड क्षेत्र से एक 4 वर्षीय बालक लापता हो गया है। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली प्रभारी रोहित दुबे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।
पुलिस ने बिना देर किए अलग-अलग टीमों का गठन किया और नवाब साहब रोड, महाराणा प्रताप कॉलोनी तथा आसपास के इलाकों में बच्चे की तलाश शुरू कर दी। सर्चिंग के साथ-साथ पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, ताकि बच्चे की मूवमेंट का पता लगाया जा सके।
जांच के दौरान पुलिस को सफलता मिली और बालक मानव वंशकार, निवासी महाराणा प्रताप कॉलोनी, को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि बालक अपनी दादी के साथ बाजार आया था, लेकिन भीड़ और आवाजाही के बीच वह रास्ता भटक गया और परिवार से अलग हो गया। पुलिस द्वारा मासूम को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाए जाने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। बच्चे के मिलने पर परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
परिवार के लिए आधा घंटा बना सबसे भारी वक्त
बच्चा भले सिर्फ 30 मिनट के भीतर मिल गया, लेकिन परिजनों के लिए यह समय बेहद तनावपूर्ण रहा। बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में छोटे बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही परिवार में घबराहट फैल गई थी।
29 मार्च 2026 को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि नवाब साहब रोड क्षेत्र से एक 4 वर्षीय बालक लापता हो गया है। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली प्रभारी रोहित दुबे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।
पुलिस ने बिना देर किए अलग-अलग टीमों का गठन किया और नवाब साहब रोड, महाराणा प्रताप कॉलोनी तथा आसपास के इलाकों में बच्चे की तलाश शुरू कर दी। सर्चिंग के साथ-साथ पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, ताकि बच्चे की मूवमेंट का पता लगाया जा सके।
जांच के दौरान पुलिस को सफलता मिली और बालक मानव वंशकार, निवासी महाराणा प्रताप कॉलोनी, को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि बालक अपनी दादी के साथ बाजार आया था, लेकिन भीड़ और आवाजाही के बीच वह रास्ता भटक गया और परिवार से अलग हो गया। पुलिस द्वारा मासूम को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाए जाने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। बच्चे के मिलने पर परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
परिवार के लिए आधा घंटा बना सबसे भारी वक्त
बच्चा भले सिर्फ 30 मिनट के भीतर मिल गया, लेकिन परिजनों के लिए यह समय बेहद तनावपूर्ण रहा। बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में छोटे बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही परिवार में घबराहट फैल गई थी।