शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर थाना गेट पर रविवार शाम अजीब और तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब एक 35 वर्षीय युवक नई रस्सी लेकर पहुंचा और फांसी लगाने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने जो वजह बताई, उसने सबको चौंका दिया- वह गांव में बिजली न आने से परेशान था और कह रहा था कि पानी नहीं मिलने से उसकी 20 भैंसें मर जाएंगी। हैरानी की बात यह रही कि युवक नशे की हालत में था और बिजली के साथ गैस सिलेंडर की मांग भी करता रहा।
जानकारी के अनुसार ग्राम चौमुहां निवासी सुनील यादव उम्र 35 साल पुत्र लखन सिंह यादव, शाम करीब 4:40 बजे थाना गेट पर पहुंचा और वहां लगे बोर्ड पर रस्सी बांधकर लटकने की कोशिश करने लगा। थाने के बाहर यह दृश्य देखते ही पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने तुरंत दौड़कर युवक को पकड़ लिया और उसे अंदर ले गई। समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो मामला गंभीर हो सकता था।
पूछताछ में बोला-गांव में लाइट नहीं, भैंसें प्यासी मर जाएंगी
थाने के अंदर पूछताछ के दौरान युवक ने पुलिस को बताया कि उसके गांव में बिजली नहीं आ रही, जिसके कारण पानी की समस्या बनी हुई है। उसने कहा कि उसके पास 20 भैंसें हैं और यदि पानी नहीं मिला तो वे प्यासी मर जाएंगी। युवक बार-बार इसी बात को दोहराता रहा कि बिजली नहीं होने से पानी नहीं भर पा रहा और इसी परेशानी में वह थाने तक पहुंच गया।
बिजली के साथ गैस सिलेंडर भी मांगने लगा
पूछताछ के दौरान पुलिस को युवक की हालत सामान्य नहीं लगी। बाद में साफ हुआ कि सुनील यादव नशे की हालत में था। बिजली और पानी की शिकायत के बीच वह अचानक रसोई गैस सिलेंडर की मांग भी करने लगा। बताया गया कि वह पुलिस से कहने लगा कि उसे सिलेंडर भी चाहिए, जिस पर पुलिसकर्मियों ने उसे शांत करने के लिए समझाइश दी और बातों में लगाकर स्थिति को संभाला।
पुलिस को ही माता-पिता बताने लगा
जब पुलिस ने उससे पूछा कि वह थाने के गेट पर ऐसा कदम उठाने क्यों पहुंचा, तो युवक की बातें और उलझी हुई सामने आने लगीं। वह कहने लगा कि बच्चा अपने माता-पिता के यहां नहीं आ सकता क्या ?इतना ही नहीं, वह पुलिसकर्मियों को ही अपना माता-पिता बताने लगा।
दुकान से नई रस्सी खरीदकर लाया था
पूरे घटनाक्रम का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि युवक फांसी लगाने के लिए नई रस्सी खरीदकर थाने पहुंचा था। यानी वह पहले से तैयारी के साथ आया था। हालांकि, पुलिस की सतर्कता से समय रहते उसे रोक लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।
कुछ घंटे बैठाकर समझाया, फिर छोड़ा
घटना के बाद पुलिस ने युवक को कुछ घंटे तक थाने में बैठाकर शांत कराया और समझाइश दी।
बाद में स्थिति सामान्य होने पर उसे छोड़ दिया गया। एसआई कमल सिंह बंजारा ने बताया कि युवक को समझा-बुझाकर शांत किया गया और कुछ समय बाद छोड़ दिया गया।
शिकायत का तरीका गलत, लेकिन गांव की बुनियादी समस्या भी सामने आई
यह घटना भले असामान्य और नशे की हालत में हुई हो, लेकिन इसके बीच ग्रामीण इलाकों में बिजली-पानी जैसी मूलभूत समस्याओं की झलक भी सामने आई। हालांकि, शिकायत दर्ज कराने या प्रशासन तक बात पहुंचाने का यह तरीका खतरनाक और अस्वीकार्य है। राहत की बात यह रही कि पुलिस ने समय रहते स्थिति संभाल ली।
जानकारी के अनुसार ग्राम चौमुहां निवासी सुनील यादव उम्र 35 साल पुत्र लखन सिंह यादव, शाम करीब 4:40 बजे थाना गेट पर पहुंचा और वहां लगे बोर्ड पर रस्सी बांधकर लटकने की कोशिश करने लगा। थाने के बाहर यह दृश्य देखते ही पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने तुरंत दौड़कर युवक को पकड़ लिया और उसे अंदर ले गई। समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो मामला गंभीर हो सकता था।
पूछताछ में बोला-गांव में लाइट नहीं, भैंसें प्यासी मर जाएंगी
थाने के अंदर पूछताछ के दौरान युवक ने पुलिस को बताया कि उसके गांव में बिजली नहीं आ रही, जिसके कारण पानी की समस्या बनी हुई है। उसने कहा कि उसके पास 20 भैंसें हैं और यदि पानी नहीं मिला तो वे प्यासी मर जाएंगी। युवक बार-बार इसी बात को दोहराता रहा कि बिजली नहीं होने से पानी नहीं भर पा रहा और इसी परेशानी में वह थाने तक पहुंच गया।
बिजली के साथ गैस सिलेंडर भी मांगने लगा
पूछताछ के दौरान पुलिस को युवक की हालत सामान्य नहीं लगी। बाद में साफ हुआ कि सुनील यादव नशे की हालत में था। बिजली और पानी की शिकायत के बीच वह अचानक रसोई गैस सिलेंडर की मांग भी करने लगा। बताया गया कि वह पुलिस से कहने लगा कि उसे सिलेंडर भी चाहिए, जिस पर पुलिसकर्मियों ने उसे शांत करने के लिए समझाइश दी और बातों में लगाकर स्थिति को संभाला।
पुलिस को ही माता-पिता बताने लगा
जब पुलिस ने उससे पूछा कि वह थाने के गेट पर ऐसा कदम उठाने क्यों पहुंचा, तो युवक की बातें और उलझी हुई सामने आने लगीं। वह कहने लगा कि बच्चा अपने माता-पिता के यहां नहीं आ सकता क्या ?इतना ही नहीं, वह पुलिसकर्मियों को ही अपना माता-पिता बताने लगा।
दुकान से नई रस्सी खरीदकर लाया था
पूरे घटनाक्रम का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि युवक फांसी लगाने के लिए नई रस्सी खरीदकर थाने पहुंचा था। यानी वह पहले से तैयारी के साथ आया था। हालांकि, पुलिस की सतर्कता से समय रहते उसे रोक लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।
कुछ घंटे बैठाकर समझाया, फिर छोड़ा
घटना के बाद पुलिस ने युवक को कुछ घंटे तक थाने में बैठाकर शांत कराया और समझाइश दी।
बाद में स्थिति सामान्य होने पर उसे छोड़ दिया गया। एसआई कमल सिंह बंजारा ने बताया कि युवक को समझा-बुझाकर शांत किया गया और कुछ समय बाद छोड़ दिया गया।
शिकायत का तरीका गलत, लेकिन गांव की बुनियादी समस्या भी सामने आई
यह घटना भले असामान्य और नशे की हालत में हुई हो, लेकिन इसके बीच ग्रामीण इलाकों में बिजली-पानी जैसी मूलभूत समस्याओं की झलक भी सामने आई। हालांकि, शिकायत दर्ज कराने या प्रशासन तक बात पहुंचाने का यह तरीका खतरनाक और अस्वीकार्य है। राहत की बात यह रही कि पुलिस ने समय रहते स्थिति संभाल ली।