शिवपुरी। शहर के आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी गुड़ी पड़वा महा महोत्सव के पावन अवसर पर विश्वविख्यात कथा वाचक परम पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा होगी। इस भव्य आयोजन की औपचारिक शुरुआत बीते रोज हवाई पट्टी के पीछे नर्सरी ग्राउंड पर ध्वज पूजन एवं ध्वजारोहण के साथ अत्यंत गरिमामय ढंग से संपन्न हुई।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फहराया विजय पताका
आयोजन की सफलता के लिए नीलमणि दास जी महाराज (खेड़ापति दरबार), पुरुषोत्तम दास जी महाराज एवं मोहित जी महाराज के सानिध्य में गणपति-गौरी पूजन और पृथ्वी पूजन किया गया। मंत्रोच्चार के बीच केसरिया ध्वज का तिलक व माल्यार्पण कर ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र गुप्ता, गिर्राज शर्मा, मंजुला जैन सहित बड़ी संख्या में भक्तगण और समाजसेवी उपस्थित रहे।
नीलमणि महाराज का ओजस्वी उद्बोधन
ध्वजारोहण के पश्चात श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए नीलमणि दास जी महाराज ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शिवपुरी की धरा पर भक्ति और शक्ति का महासंगम है। जहां एक ओर 1000 सहस्त्र चंडी महायज्ञ से वातावरण शुद्ध होगा, वहीं श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के विचारों से समाज को नई दिशा मिलेगी।
धर्म वही है जो सेवा से जुड़े, इसीलिए कथा की पूर्णाहुति पर हम 11 निर्धन कन्याओं का विवाह कराकर उनके जीवन में खुशहाली लाएंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाए जाने हेतु लेकर विभिन्न समाजों का संगठनों से चर्चा की जा रही है। इसी क्रम में बीते रोज कुशवाहा समाज व जानकी सेना संगठन के पदाधिकारी व सदस्यों से चर्चा की गई,इस कार्यक्रम मे समाज के सभी वर्गो के साथ लगातार बैठक चल रही है जिससे इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की जा सके। इस धार्मिक उत्सव में संत समागम भी होगा। शिवपुरी के नागरिकों में इस महोत्सव को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी धर्म प्रेमियों से इस भक्ति कुंभ में सहभागिता करने की अपील की है।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फहराया विजय पताका
आयोजन की सफलता के लिए नीलमणि दास जी महाराज (खेड़ापति दरबार), पुरुषोत्तम दास जी महाराज एवं मोहित जी महाराज के सानिध्य में गणपति-गौरी पूजन और पृथ्वी पूजन किया गया। मंत्रोच्चार के बीच केसरिया ध्वज का तिलक व माल्यार्पण कर ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र गुप्ता, गिर्राज शर्मा, मंजुला जैन सहित बड़ी संख्या में भक्तगण और समाजसेवी उपस्थित रहे।
नीलमणि महाराज का ओजस्वी उद्बोधन
ध्वजारोहण के पश्चात श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए नीलमणि दास जी महाराज ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शिवपुरी की धरा पर भक्ति और शक्ति का महासंगम है। जहां एक ओर 1000 सहस्त्र चंडी महायज्ञ से वातावरण शुद्ध होगा, वहीं श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के विचारों से समाज को नई दिशा मिलेगी।
धर्म वही है जो सेवा से जुड़े, इसीलिए कथा की पूर्णाहुति पर हम 11 निर्धन कन्याओं का विवाह कराकर उनके जीवन में खुशहाली लाएंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाए जाने हेतु लेकर विभिन्न समाजों का संगठनों से चर्चा की जा रही है। इसी क्रम में बीते रोज कुशवाहा समाज व जानकी सेना संगठन के पदाधिकारी व सदस्यों से चर्चा की गई,इस कार्यक्रम मे समाज के सभी वर्गो के साथ लगातार बैठक चल रही है जिससे इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की जा सके। इस धार्मिक उत्सव में संत समागम भी होगा। शिवपुरी के नागरिकों में इस महोत्सव को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी धर्म प्रेमियों से इस भक्ति कुंभ में सहभागिता करने की अपील की है।