शिवपुरी। जिले में आगामी त्योहारों की खुशियां और स्कूली परीक्षाओं की एकाग्रता बनी रहे, इसके लिए पुलिस अधीक्षक श्री अमन सिंह राठौड़ ने कमर कस ली है। जिले भर में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अब मैरिज गार्डनों से लेकर होटलों और डीजे संचालकों तक अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
फिजिकल पुलिस की होटलों और गार्डनों में सर्जिकल चेकिंग
थाना फिजिकल पुलिस ने क्षेत्र के प्रमुख होटलों जैसे सोनचिरैया, सुखसागर, टूरिस्ट विलेज और जायका में सघन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने होटल संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि आने-जाने वाले हर मुसाफिर का रिकॉर्ड दुरुस्त रखें और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखें।
इतना ही नहीं, बालाजी, पारस और संस्कार जैसे मैरिज गार्डनों के मालिकों को स्पष्ट कर दिया गया है कि शादियों के सीजन में शोर का स्तर तय डेसीबल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। रात 10:00 बजे के बाद डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि नियमों की अनदेखी हुई, तो कोलाहल अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई तय है।
पिछोर में पुलिस का डंडा, डीजे संचालक पर एफआईआर
कानून की यह सख्ती सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं है। पिछोर थाना पुलिस ने इसका उदाहरण पेश करते हुए एक डीजे संचालक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 25 फरवरी को सार्वजनिक स्थान पर कानफोड़ू आवाज में डीजे बजाकर आमजन की शांति भंग करने वाले अभिषेक राजपूत के खिलाफ कोलाहल अधिनियम की धारा 7/15 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं: एसपी के निर्देशानुसार, बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। पिछोर पुलिस की इस कार्रवाई में निरीक्षक नीतू सिंह और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा
आगामी होली, गुड़ी पड़वा, चैती चांद, ईद-उल-फितर और नवरात्रि जैसे बड़े त्योहारों को देखते हुए पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के उल्लास के बीच किसी भी असामाजिक तत्व को शांति भंग करने का मौका न देना और छात्रों को परीक्षाओं के लिए शांत माहौल उपलब्ध कराना है।
फिजिकल पुलिस की होटलों और गार्डनों में सर्जिकल चेकिंग
थाना फिजिकल पुलिस ने क्षेत्र के प्रमुख होटलों जैसे सोनचिरैया, सुखसागर, टूरिस्ट विलेज और जायका में सघन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने होटल संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि आने-जाने वाले हर मुसाफिर का रिकॉर्ड दुरुस्त रखें और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखें।
इतना ही नहीं, बालाजी, पारस और संस्कार जैसे मैरिज गार्डनों के मालिकों को स्पष्ट कर दिया गया है कि शादियों के सीजन में शोर का स्तर तय डेसीबल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। रात 10:00 बजे के बाद डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि नियमों की अनदेखी हुई, तो कोलाहल अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई तय है।
पिछोर में पुलिस का डंडा, डीजे संचालक पर एफआईआर
कानून की यह सख्ती सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं है। पिछोर थाना पुलिस ने इसका उदाहरण पेश करते हुए एक डीजे संचालक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 25 फरवरी को सार्वजनिक स्थान पर कानफोड़ू आवाज में डीजे बजाकर आमजन की शांति भंग करने वाले अभिषेक राजपूत के खिलाफ कोलाहल अधिनियम की धारा 7/15 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं: एसपी के निर्देशानुसार, बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। पिछोर पुलिस की इस कार्रवाई में निरीक्षक नीतू सिंह और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा
आगामी होली, गुड़ी पड़वा, चैती चांद, ईद-उल-फितर और नवरात्रि जैसे बड़े त्योहारों को देखते हुए पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के उल्लास के बीच किसी भी असामाजिक तत्व को शांति भंग करने का मौका न देना और छात्रों को परीक्षाओं के लिए शांत माहौल उपलब्ध कराना है।