पिछोर। पिछोर के शासकीय छत्रसाल कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कॉलेज में छात्रवृत्ति, आवास सहायता योजना और गांव की बेटी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लगभग 12.26 लाख रुपये के गबन की आशंका जताई गई है।
जांच में यह बात सामने आई है कि जिन छात्राओं के व्यक्तिगत बैंक खाते उपलब्ध नहीं थे, उनकी सरकारी राशि को कॉलेज के बैंक खाते में जमा कर दिया गया था। वर्ष 2018-19 से लेकर 2025 की अवधि के दौरान इस राशि के भुगतान में संदिग्ध गतिविधियां और हेराफेरी होने का अंदेशा है। कॉलेज की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े हुए हैं। बताया गया है कि साल 2017 से ही कॉलेज में लेखा अधिकारी का पद रिक्त है। इस महत्वपूर्ण वित्तीय कार्य की जिम्मेदारी लैब तकनीशियनों को सौंपी गई थी। वर्तमान में वित्तीय कार्यों का जिम्मा वीरसिंह लोधी और मुकेश शर्मा संभाल रहे हैं, जबकि जांच के घेरे में कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया है। इस दल में पिछोर एसडीएम,तहसीलदार ममता शाक्य,शिवशंकर गुर्जर (जिला शिक्षा केंद्र शिवपुरी),संतोष कुर्मी (सहायक परियोजना समन्वयक) और बृजेश शाक्य (सहायक ग्रेड-3, जिला पेंशन कार्यालय) को शामिल किया है। यह जांच दल को 10 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कॉलेज के प्राचार्य केशव जाटव ने इस घोटाले के संबंध में किसी भी स्पष्ट जानकारी होने से इनकार किया है, हालांकि उन्होंने कलेक्टर के पत्र मिलने की पुष्टि की है।
जांच में यह बात सामने आई है कि जिन छात्राओं के व्यक्तिगत बैंक खाते उपलब्ध नहीं थे, उनकी सरकारी राशि को कॉलेज के बैंक खाते में जमा कर दिया गया था। वर्ष 2018-19 से लेकर 2025 की अवधि के दौरान इस राशि के भुगतान में संदिग्ध गतिविधियां और हेराफेरी होने का अंदेशा है। कॉलेज की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े हुए हैं। बताया गया है कि साल 2017 से ही कॉलेज में लेखा अधिकारी का पद रिक्त है। इस महत्वपूर्ण वित्तीय कार्य की जिम्मेदारी लैब तकनीशियनों को सौंपी गई थी। वर्तमान में वित्तीय कार्यों का जिम्मा वीरसिंह लोधी और मुकेश शर्मा संभाल रहे हैं, जबकि जांच के घेरे में कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया है। इस दल में पिछोर एसडीएम,तहसीलदार ममता शाक्य,शिवशंकर गुर्जर (जिला शिक्षा केंद्र शिवपुरी),संतोष कुर्मी (सहायक परियोजना समन्वयक) और बृजेश शाक्य (सहायक ग्रेड-3, जिला पेंशन कार्यालय) को शामिल किया है। यह जांच दल को 10 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कॉलेज के प्राचार्य केशव जाटव ने इस घोटाले के संबंध में किसी भी स्पष्ट जानकारी होने से इनकार किया है, हालांकि उन्होंने कलेक्टर के पत्र मिलने की पुष्टि की है।