शिवपुरी। शहर के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली महलसराय आदिवासी बस्ती मंगलवार को अखाड़े में तब्दील हो गई। यहाँ शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए अतिक्रमणकारियों ने नगर पालिका की टीम पर न केवल पथराव किया, बल्कि कर्मचारियों को घेरकर उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट भी की। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।
शौचालय बचाने पहुंचे थे कर्मचारी
नगर पालिका के अतिक्रमण प्रभारी अशोक खरे ने बताया कि महलसराय क्षेत्र में जन सुविधा के लिए हाल ही में एक शासकीय शौचालय का निर्माण कराया गया था। पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र के कुछ असमाजिक तत्व इस नवनिर्मित शौचालय को क्षति पहुंचा रहे हैं। मंगलवार दोपहर जब अशोक खरे अपने पांच सहयोगियों के साथ मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे, तो नजारा हैरान करने वाला था।
बस्ती के कुछ युवक हथौड़े से शौचालय की छत को ढहा रहे थे। जब नगर पालिका की टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तो विवाद भड़क गया।
पथराव और पीछा कर मारपीट
देखते ही देखते बस्ती के दर्जनों युवक और महिलाएं लामबंद हो गए। टीम अभी कुछ समझ पाती, उससे पहले ही उन पर पत्थरों की बारिश शुरू कर दी गई। अपनी जान बचाने के लिए कर्मचारी मुख्य सड़क की ओर भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। मुख्य सड़क पर पहुँचते ही युवकों ने कर्मचारियों को चारों तरफ से घेर लिया और उन पर लात-घूंसों की बरसात कर दी।
हमला इतना अचानक और तीव्र था कि कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हमले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आक्रोशित भीड़ कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करती नजर आ रही है।
पुलिसिया कार्रवाई और मेडिकल
हमले में घायल कर्मचारियों को अंदरूनी चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद आक्रोशित नगर पालिका अमला देहात थाने पहुँचा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि,नगर पालिका की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट और पथराव की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों को चिन्हित कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
शौचालय बचाने पहुंचे थे कर्मचारी
नगर पालिका के अतिक्रमण प्रभारी अशोक खरे ने बताया कि महलसराय क्षेत्र में जन सुविधा के लिए हाल ही में एक शासकीय शौचालय का निर्माण कराया गया था। पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र के कुछ असमाजिक तत्व इस नवनिर्मित शौचालय को क्षति पहुंचा रहे हैं। मंगलवार दोपहर जब अशोक खरे अपने पांच सहयोगियों के साथ मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे, तो नजारा हैरान करने वाला था।
बस्ती के कुछ युवक हथौड़े से शौचालय की छत को ढहा रहे थे। जब नगर पालिका की टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तो विवाद भड़क गया।
पथराव और पीछा कर मारपीट
देखते ही देखते बस्ती के दर्जनों युवक और महिलाएं लामबंद हो गए। टीम अभी कुछ समझ पाती, उससे पहले ही उन पर पत्थरों की बारिश शुरू कर दी गई। अपनी जान बचाने के लिए कर्मचारी मुख्य सड़क की ओर भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। मुख्य सड़क पर पहुँचते ही युवकों ने कर्मचारियों को चारों तरफ से घेर लिया और उन पर लात-घूंसों की बरसात कर दी।
हमला इतना अचानक और तीव्र था कि कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हमले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आक्रोशित भीड़ कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करती नजर आ रही है।
पुलिसिया कार्रवाई और मेडिकल
हमले में घायल कर्मचारियों को अंदरूनी चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद आक्रोशित नगर पालिका अमला देहात थाने पहुँचा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि,नगर पालिका की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट और पथराव की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों को चिन्हित कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।