शिवुपरी। शिवपुरी जिले के बस आपरेटरों ने आज बुधवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन सिंह यादव के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से प्राइवेट बस यूनियन ने सरकारी एक दमनकारी नीति का विरोध करते हुए हड़ताल का ऐलान कर दिया है। यूनियन का कहना है कि सरकार की इस दमनकारी नीति में हमारे जैसे छोटे छोटे बस ऑपरेटर सड़क से स्वत:ही हट जाऐगें।
इस ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि मध्य प्रदेश शासन के परिवहन विभाग द्वारा प्रस्तावित 24 दिसंबर 2025 की अधिसूचना को दमनकारी नीति बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई है। ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 2 मार्च 2026 से प्रदेशभर में बसों का संचालन बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
बस यूनियन ने बताया कि यह निर्णय 22 फरवरी 2026 को सागर में हुई प्रदेशभर के बस मालिकों और पदाधिकारियों की बैठक में लिया गया। बैठक में स्टेज कैरिज बसों के संचालन से संबंधित 24 दिसंबर 2025 की अधिसूचना और 29 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित मोटरयान कर संशोधन के विरोध में आंदोलन करने पर सर्वसम्मति बनी।
यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव, परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त को संबोधित किया गया है। इसे कलेक्टर के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक प्रेषित किया गया। बस ऑपरेटरों की मुख्य मांगों में 24 दिसंबर 2025 को राजपत्र में प्रकाशित नियम संशोधन का प्रारूप वापस लेना, 29 जनवरी 2026 को प्रकाशित मोटरयान कर संशोधन को पूर्ण रूप से समाप्त करना और वर्तमान में लागू संचालन व्यवस्था को यथावत रखना शामिल है।
यूनियन के जिला अध्यक्ष मुकेश चौहान का कहना है कि सरकार की 24 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के अनुसार सरकार मप्र स्तर पर एक कंपनी को प्राइवेट संचालन का ठेका देना चाहती हैं और हमारे परमिटो को शून्य करने का प्रस्ताव है। इससे हमारे जैसे हजारों बस ऑपरेटर बेरोजगार और कर्जे में आ जाएंगे,एक बस से 10 परिवारों का संचालन होता है मप्र में हजारो परिवार बेरोजगार हो जाएंगे,इसलिए सरकार की इस दमनकारी नीति का हम विरोध कर रहे है।
इस ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि मध्य प्रदेश शासन के परिवहन विभाग द्वारा प्रस्तावित 24 दिसंबर 2025 की अधिसूचना को दमनकारी नीति बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई है। ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 2 मार्च 2026 से प्रदेशभर में बसों का संचालन बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
बस यूनियन ने बताया कि यह निर्णय 22 फरवरी 2026 को सागर में हुई प्रदेशभर के बस मालिकों और पदाधिकारियों की बैठक में लिया गया। बैठक में स्टेज कैरिज बसों के संचालन से संबंधित 24 दिसंबर 2025 की अधिसूचना और 29 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित मोटरयान कर संशोधन के विरोध में आंदोलन करने पर सर्वसम्मति बनी।
यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव, परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त को संबोधित किया गया है। इसे कलेक्टर के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक प्रेषित किया गया। बस ऑपरेटरों की मुख्य मांगों में 24 दिसंबर 2025 को राजपत्र में प्रकाशित नियम संशोधन का प्रारूप वापस लेना, 29 जनवरी 2026 को प्रकाशित मोटरयान कर संशोधन को पूर्ण रूप से समाप्त करना और वर्तमान में लागू संचालन व्यवस्था को यथावत रखना शामिल है।
यूनियन के जिला अध्यक्ष मुकेश चौहान का कहना है कि सरकार की 24 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के अनुसार सरकार मप्र स्तर पर एक कंपनी को प्राइवेट संचालन का ठेका देना चाहती हैं और हमारे परमिटो को शून्य करने का प्रस्ताव है। इससे हमारे जैसे हजारों बस ऑपरेटर बेरोजगार और कर्जे में आ जाएंगे,एक बस से 10 परिवारों का संचालन होता है मप्र में हजारो परिवार बेरोजगार हो जाएंगे,इसलिए सरकार की इस दमनकारी नीति का हम विरोध कर रहे है।