शिवपुरी। शिवपुरी जिले के ग्राम मड़ीखेड़ा स्थित प्रसिद्ध बट देव आश्रम में आज 25 फरवरी 2026 को श्रीमद्भागवत कथा के उपलक्ष्य में एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। पूज्य बाबा प्रमोदानंद परमहंस जी महाराज के पावन सानिध्य और समस्त क्षेत्रवासियों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
ओंकारानंद जी के मुखारविंद से बही ज्ञान गंगा
विगत दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास ओंकारानंद जी महाराज ने भगवान के दिव्य चरित्रों और भक्ति के महत्व का विस्तार से वर्णन किया। कथा के समापन अवसर पर उन्होंने मानव जीवन में धर्म और कर्म के समन्वय पर बल दिया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
कथा की पूर्णाहुति के पश्चात आश्रम परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस महाप्रसाद में आलू-पूड़ी, नुक्ती और अन्य व्यंजनों का वितरण किया गया। आश्रम में सुबह से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की और बाबा का आशीर्वाद लिया।
भक्ति और सेवा का अनूठा उदाहरण
पूरे आयोजन के दौरान बट देव आश्रम परिसर भक्तिमय भजनों से गुंजायमान रहा। आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए क्षेत्र के स्वयंसेवकों ने अपनी सराहनीय सेवाएं दीं। पेयजल, बैठक व्यवस्था और प्रसाद वितरण के लिए युवाओं की टोली मुस्तैद रही। क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस आयोजन को आपसी भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बताया है।
ओंकारानंद जी के मुखारविंद से बही ज्ञान गंगा
विगत दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास ओंकारानंद जी महाराज ने भगवान के दिव्य चरित्रों और भक्ति के महत्व का विस्तार से वर्णन किया। कथा के समापन अवसर पर उन्होंने मानव जीवन में धर्म और कर्म के समन्वय पर बल दिया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
कथा की पूर्णाहुति के पश्चात आश्रम परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस महाप्रसाद में आलू-पूड़ी, नुक्ती और अन्य व्यंजनों का वितरण किया गया। आश्रम में सुबह से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की और बाबा का आशीर्वाद लिया।
भक्ति और सेवा का अनूठा उदाहरण
पूरे आयोजन के दौरान बट देव आश्रम परिसर भक्तिमय भजनों से गुंजायमान रहा। आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए क्षेत्र के स्वयंसेवकों ने अपनी सराहनीय सेवाएं दीं। पेयजल, बैठक व्यवस्था और प्रसाद वितरण के लिए युवाओं की टोली मुस्तैद रही। क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस आयोजन को आपसी भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बताया है।