शिवपुरी। शहर के चर्चित कमला हेरीटेज होटल के मालिक और राजनीतिक रसूख रखने वाले नरेंद्र जैन भोला के पुत्र हर्षित जैन ने गुरुवार को धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सीजेएम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका तुरंत निरस्त कर दी और जेल वारंट जारी कर दिया। हालांकि, जेल की सलाखों तक पहुँचने से पहले ही आरोपी की तबीयत बिगड़ने के कारण उसे जिला अस्पताल के बंदी वार्ड में भर्ती कराना पड़ा।
यह विवाद अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ था, जब पोहरी विधानसभा से चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी प्रद्युम्न वर्मा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि होटल कमला हेरीटेज के संचालक नरेंद्र जैन भोला, उनके पुत्र हर्षित जैन और महेश शर्मा ने एक जमीन के सौदे में कूटरचित (फर्जी) शपथ पत्र का उपयोग कर धोखाधड़ी की थी।
गिरफ्तारी से बचने का किया था प्रयास
आरोपी हर्षित जैन ने पहले भी न्यायालय से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगवाई थी, लेकिन बाद में वह राहत खत्म हो गई। इसके बाद आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए भी एड़ी-चोटी का जोर लगाया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोई और रास्ता न बचता देख, 25 वर्षीय हर्षित जैन ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
जेल वारंट बना, पर अस्पताल पहुंचे आरोपी
न्यायालय द्वारा जेल वारंट जारी किए जाने के बाद, नियमानुसार आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर मुकेश ने जब हर्षित का चेकअप किया, तो उसका ब्लड प्रेशर (BP) काफी कम पाया गया। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को देखते हुए उसे तत्काल उपचार की सलाह दी। नतीजतन, पुलिस उसे जेल ले जाने के बजाय जिला अस्पताल ले गई, जहाँ उसे बंदी वार्ड में भर्ती कर लिया गया है।
यह विवाद अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ था, जब पोहरी विधानसभा से चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी प्रद्युम्न वर्मा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि होटल कमला हेरीटेज के संचालक नरेंद्र जैन भोला, उनके पुत्र हर्षित जैन और महेश शर्मा ने एक जमीन के सौदे में कूटरचित (फर्जी) शपथ पत्र का उपयोग कर धोखाधड़ी की थी।
गिरफ्तारी से बचने का किया था प्रयास
आरोपी हर्षित जैन ने पहले भी न्यायालय से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगवाई थी, लेकिन बाद में वह राहत खत्म हो गई। इसके बाद आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए भी एड़ी-चोटी का जोर लगाया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोई और रास्ता न बचता देख, 25 वर्षीय हर्षित जैन ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
जेल वारंट बना, पर अस्पताल पहुंचे आरोपी
न्यायालय द्वारा जेल वारंट जारी किए जाने के बाद, नियमानुसार आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर मुकेश ने जब हर्षित का चेकअप किया, तो उसका ब्लड प्रेशर (BP) काफी कम पाया गया। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को देखते हुए उसे तत्काल उपचार की सलाह दी। नतीजतन, पुलिस उसे जेल ले जाने के बजाय जिला अस्पताल ले गई, जहाँ उसे बंदी वार्ड में भर्ती कर लिया गया है।