शिवपुरी। शिवपुरी जिले में सुभाषपुरा थाना सीमा में एक ट्रक की तेज रफ्तार के कारण 2 जिंदा लोगों की जान चली गई। समय का चक्र कितना क्रूर हो सकता है उसका यह प्रत्यक्ष उदाहरण है। एक पिता अपनी बेटी के हाथ पीले करने का सपना देखकर अपने घर से निकला था,उसके परिवार की यह खुशिया अब मातम में बदल गई। समय की क्रूरता ने इन परिवारिक उम्मीदों को NH-46 हाईवे पर बिखरे खून से सने डामर पर बिखरे दिया।
बनेरा गांव में निवास करने वाले मातादीन आदिवासी मातादीन आदिवासी अपनी लाडली बेटी के हाथ पीले करने का सपना सजाकर अपने घर से निकला था, रविवार को वह अपने साडू सिद्धम आदिवासी के साथ इमलिया करसेना गांव गए थे ताकि बेटी के रिश्ते की बात पक्की की जा सके। दिन भर रिश्तों की बात चली, हंसी-खुशी का माहौल था और आने वाले दिनों के लिए सुनहरे सपने बुने गए। लेकिन शाम करीब 7 बजे जब वे वापस घर लौट रहे थे, तब एनएच-46 पर काल बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रक (RJ 11 GB 1145) ने धौलागढ़ फाटक के पास उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
मौके पर ही थम गईं सांसें
हादसा इतना वीभत्स था कि टक्कर लगते ही दोनों बाइक सवार कई फीट दूर जा गिरे। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में आई गंभीर चोटों के कारण मातादीन और सिद्धम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जिस पिता को घर पहुंचकर बेटी को सगाई पक्की होने की खुशखबरी सुनानी थी, उसके शव के आने की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। अब उस घर में खुशियों की जगह चीख-पुकार और सन्नाटा है।
अनियंत्रित होकर दुकान पर पलटा ट्रक
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। ट्रक हाइवे किनारे बने एक यात्री प्रतीक्षालय और सैलून की दुकान को रौंदते हुए पलट गया। गनीमत रही कि सैलून संचालक अतुल सेन और उनका भाई टिंकल सेन कुछ ही मिनट पहले दुकान बढ़ाकर घर निकले थे, वरना जनहानि और अधिक हो सकती थी।
पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम
सूचना मिलते ही सुभाषपुरा थाना पुलिस और हाईवे एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सोमवार सुबह जिला मुख्यालय पर दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बनेरा गांव में निवास करने वाले मातादीन आदिवासी मातादीन आदिवासी अपनी लाडली बेटी के हाथ पीले करने का सपना सजाकर अपने घर से निकला था, रविवार को वह अपने साडू सिद्धम आदिवासी के साथ इमलिया करसेना गांव गए थे ताकि बेटी के रिश्ते की बात पक्की की जा सके। दिन भर रिश्तों की बात चली, हंसी-खुशी का माहौल था और आने वाले दिनों के लिए सुनहरे सपने बुने गए। लेकिन शाम करीब 7 बजे जब वे वापस घर लौट रहे थे, तब एनएच-46 पर काल बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रक (RJ 11 GB 1145) ने धौलागढ़ फाटक के पास उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
मौके पर ही थम गईं सांसें
हादसा इतना वीभत्स था कि टक्कर लगते ही दोनों बाइक सवार कई फीट दूर जा गिरे। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में आई गंभीर चोटों के कारण मातादीन और सिद्धम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जिस पिता को घर पहुंचकर बेटी को सगाई पक्की होने की खुशखबरी सुनानी थी, उसके शव के आने की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। अब उस घर में खुशियों की जगह चीख-पुकार और सन्नाटा है।
अनियंत्रित होकर दुकान पर पलटा ट्रक
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। ट्रक हाइवे किनारे बने एक यात्री प्रतीक्षालय और सैलून की दुकान को रौंदते हुए पलट गया। गनीमत रही कि सैलून संचालक अतुल सेन और उनका भाई टिंकल सेन कुछ ही मिनट पहले दुकान बढ़ाकर घर निकले थे, वरना जनहानि और अधिक हो सकती थी।
पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम
सूचना मिलते ही सुभाषपुरा थाना पुलिस और हाईवे एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सोमवार सुबह जिला मुख्यालय पर दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।