Shivpuri News, अगर लडका होती तो थप्पड़ जड़ देता, कार्यस्थल या टॉर्चर रूम, CEO पर महिला कर्मचारी का आरोप

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी के सरकारी आफिसों में आंतरिक शिकायत समिति नही होने के कारण महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है,इस प्रताड़ना का एक उदाहरण हमारे सामने एक शिकायत के रूप् मे आया है। पिछोर मनरेगा विभाग मे पदस्थ  AAO वीणा मजेजी ने जिला पंचायत CEO को पत्र लिखकर जनपद CEO दिनेश नरवरिया पर मानसिक उत्पीड़न, लैंगिक भेदभाव और शारीरिक हिंसा की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कर्मचारी का कहना है कि कार्यस्थल पर तानाशाही का आलम है और उनका दम घुट रहा है,इस मामले में जिला पंचायत सीईओ विजय राज का कहना है कि महिला कर्मचारी ने शिकायत नहीं की बल्कि समस्या से अवगत कराया है।

महिला होने का फायदा उठा रही हो
शिकायती पत्र में वीणा ने आरोप लगाया कि 20 फरवरी की शाम CEO ने अपने कक्ष में उन्हें बुलाकर बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा,अगर आप महिला नहीं होती और कोई लड़का होता, तो मैं उसे एक थप्पड़ जड़ देता। आप महिला होने का फायदा उठा रही हो। एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा महिला कर्मचारी के प्रति ऐसी हिंसक सोच ने दफ्तर की कार्य संस्कृति पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

6 महीने से वेतन बंद, बेटी की फीस भरने के पैसे नहीं
प्रताड़ना केवल व्यवहार तक सीमित नहीं है। वीणा मजेजी ने बताया कि उन्हें पिछले 6 महीने से वेतन नहीं मिला है। इसकी वजह से उनकी आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि वे अपनी 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी की ट्यूशन फीस तक नहीं भर पा रही हैं। यहाँ तक कि किराए का कमरा खाली करने की नौबत आ गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना वेतन के आखिर कोई कर्मचारी कब तक और कैसे काम करेगा?

वीणा मजेजी ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है किक गूगल मीट पर टारगेट और नियमों का दबाव बनाया जाता है। प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 9 बजे तक इस गूगल मीट पर 120 लोगों के सामने अपमानित किया जाता है। वित्तीय स्वीकृति (SNA पोर्टल) का काम, जो DDO का है, वह बिना ट्रेनिंग के महिला कर्मचारी से कराया जा रहा है। एक्सीडेंट होने के बावजूद वीणा ने पोर्टल पर काम किया, लेकिन उन्हें कोई सहानुभूति नहीं मिली। शाम को ऑफिस से निकलते वक्त किसकी अनुमति से जा रही हो जैसे सवालों से उन्हें घेरा जाता है।

महिला सेल का अभाव और डर का माहौल
महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) तक नहीं है, जहाँ महिलाएं अपनी बात रख सकें। उनसे पहले एक महिला APO को भी इसी तरह प्रताड़ित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने जिले में अटैचमेंट ले लिया,इस मामले में जिला पंचायत सीईओ ने शिवपुरी समाचार से बातचीत करते हुए कहा कि मामला सामने आया है महिला कर्मचारी ने अपनी समस्या को एक पत्र में लिखकर दिया है,इसमें जो भी नियमानुसार होगा वह करेगें।