नरवर। शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ मकान निर्माण के दौरान एक मजदूर हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया। यह घटना ठेकेदार की बड़ी लापरवाही को भी उजागर करती है, क्योंकि कार्य स्थल के ऊपर से गुजर रही 33 KV की लाइन के बावजूद विद्युत विभाग को इसकी कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
छत पर काम करते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, नरवर के वार्ड क्रमांक 09 में लक्ष्मण कुशवाह के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। मकान की ऊंचाई छत स्तर तक पहुँच चुकी थी और वहां सेंट्रिंग लगाने का काम जारी था। तभी करीब 10:50 बजे, छत पर काम कर रहे 30 वर्षीय मजदूर खलक सिंह पुत्र नवल सिंह कुशवाह का शरीर मकान के ऊपर से गुजर रही 33KV बेडेरा लाइन के संपर्क में आ गया।
2.4 एंपियर का करंट और जोरदार धमाका
जैसे ही खलक सिंह का शरीर हाईटेंशन लाइन के करीब पहुँचा, लाइन ने उसे अपनी ओर खींच लिया। विद्युत केंद्र को मिले डेटा के अनुसार, उस वक्त लाइन पर 2.4 एंपियर का तगड़ा करंट प्रवाहित हुआ, जिससे लाइन तत्काल बंद हो गई। करंट इतना जोरदार था कि खलक सिंह मौके पर ही बुरी तरह झुलस गया और उसकी हालत मरणासन्न हो गई।
बिना सूचना के चल रहा था खतरनाक काम
घटनास्थल के पंचनामे से यह स्पष्ट हुआ है कि ठेकेदार कमल किशोर कुशवाह द्वारा मकान का निर्माण कार्य विद्युत विभाग को सूचित किए बिना ही कराया जा रहा था। मकान के ऊपर से गुजर रही 33KV की लाइन निर्माण स्थल से मात्र 5 फीट की दूरी पर थी, जो कि सुरक्षा मानकों के लिहाज से अत्यंत खतरनाक है।
ग्वालियर किया गया रेफर
हादसे के बाद परिजन और ठेकेदार घायल खलक सिंह को आनन-फानन में नरवर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। उसकी गंभीर स्थिति और शरीर के झुलसने की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया है। फिलहाल मजदूर की स्थिति नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद विद्युत विभाग ने लाइन की जांच कर करीब 11:25 बजे बिजली सप्लाई दोबारा बहाल की।
छत पर काम करते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, नरवर के वार्ड क्रमांक 09 में लक्ष्मण कुशवाह के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। मकान की ऊंचाई छत स्तर तक पहुँच चुकी थी और वहां सेंट्रिंग लगाने का काम जारी था। तभी करीब 10:50 बजे, छत पर काम कर रहे 30 वर्षीय मजदूर खलक सिंह पुत्र नवल सिंह कुशवाह का शरीर मकान के ऊपर से गुजर रही 33KV बेडेरा लाइन के संपर्क में आ गया।
2.4 एंपियर का करंट और जोरदार धमाका
जैसे ही खलक सिंह का शरीर हाईटेंशन लाइन के करीब पहुँचा, लाइन ने उसे अपनी ओर खींच लिया। विद्युत केंद्र को मिले डेटा के अनुसार, उस वक्त लाइन पर 2.4 एंपियर का तगड़ा करंट प्रवाहित हुआ, जिससे लाइन तत्काल बंद हो गई। करंट इतना जोरदार था कि खलक सिंह मौके पर ही बुरी तरह झुलस गया और उसकी हालत मरणासन्न हो गई।
बिना सूचना के चल रहा था खतरनाक काम
घटनास्थल के पंचनामे से यह स्पष्ट हुआ है कि ठेकेदार कमल किशोर कुशवाह द्वारा मकान का निर्माण कार्य विद्युत विभाग को सूचित किए बिना ही कराया जा रहा था। मकान के ऊपर से गुजर रही 33KV की लाइन निर्माण स्थल से मात्र 5 फीट की दूरी पर थी, जो कि सुरक्षा मानकों के लिहाज से अत्यंत खतरनाक है।
ग्वालियर किया गया रेफर
हादसे के बाद परिजन और ठेकेदार घायल खलक सिंह को आनन-फानन में नरवर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। उसकी गंभीर स्थिति और शरीर के झुलसने की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया है। फिलहाल मजदूर की स्थिति नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद विद्युत विभाग ने लाइन की जांच कर करीब 11:25 बजे बिजली सप्लाई दोबारा बहाल की।