भगवान ब्रह्मा जी के जिह्वा से वाणी, ज्ञान और बुद्धि की देवी माता सरस्वती प्रकट हुई थी: डॉ. के. बी. वर्मा - SHIVPURI NEWS

Bhopal Samachar
शिवपुरी। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शिवपुरी में बुधवार को मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित, पुष्प अर्पण कर बसंत पंचमी उत्सव का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. के. बी. वर्मा, अधीक्षक डॉक्टर आशुतोष चौऋषि सहित वरिष्ठ चिकित्सक शिक्षक, चिकित्सकों ने किया। इस दौरान अधिष्ठाता डॉ. के. बी. वर्मा ने बसंत पंचमी की बधाई देते हुए कहा कि हिन्दू धर्म में ऋतुओं के आधार पर भी त्योहार मनाए जाते हैं। इन्हीं में से एक बसंत पंचमी पर्व भी है। शास्त्रों में बताया गया है कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि से बसंत ऋतु का शुभारंभ हो जाता है।

इस विशेष दिन पर देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग प्रकार से इस पर्व को मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन विशेष रूप से वाणी, कला और विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा का विधान है। धार्मिक वेद एवं पुराणों में बसंत पंचमी पर्व के महत्व के विषय में विस्तार से बताया है। बता दें कि भारत में छह मुख्य ऋतू हैं, जिनमें से बसंत ऋतु को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन ही भगवान ब्रह्मा जी के जिह्वा से वाणी, ज्ञान और बुद्धि की देवी माता सरस्वती प्रकट हुई थीं। यही कारण है कि इस दिन माता सरस्वती की विशेष पूजा का विधान है। साथ ही मान्यता यह भी है कि इस विशेष दिन पर शिक्षा या संगीत से संबंधित चीजों की पूजा करने से भी व्यक्ति को लाभ मिलता है और उसे इन क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही इस दिन से पृथ्वी पर नवीनता का पुनः सृजन होता है। पेड़-पौधों में नए और सुन्दर पुष्प आने शुरू हो जाते हैं।

बसंत पंचमी कार्यक्रम में मंच संचालन डॉक्टर ज्योति शुक्ला द्वारा किया गया। इसके साथ ही छात्र छात्राओं ने सरस्वती वंदना गाकर सभागार में उपस्थित लोगों मन को मोह लिया। इस दौरान कॉलेज के समस्त विभाग अध्यक्ष,अन्य चिकित्सा शिक्षक वरिष्ठ सीनियर, जूनियर डॉक्टर्स के साथ एमबीबीएस छात्र - छात्राएं, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल, आउटसोर्स स्टाफ उपस्थित हुए।
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