DPC त्रिपाठी ओर BRC ओझा के विवाद में जमा था BRC अंगद का पांव, इस अंतिम चेतावनी पत्र को लेकर हुआ विवाद

Bhopal Samachar
एक्सरे ललित मुदगल@ शिवपुरी। स्कूल शिक्षा विभाग को बदनाम करने वाली खबर DPC अशोक त्रिपाठी और BRC शिवपुरी ओझा में हुए विवाद में बदरवास बीआरसी अंगद सिंह तोमर का पांव जमा था। यह पूरा विवाद बदरवास बीआरसी अंगद सिंह तोमर के घोटाले की जांच को लेकर हुआ था,विवाद पूरा प्लानिंग के साथ किया गया था। डीपीसी को उकसाने की कोशिश की गई जिससे वह बड़ी गलती करे और इसका लाभ घोटालेबाज BRC अंगद सिंह तोमर को मिल सके,जब विवाद हो रहा था तब घोटालेबाज बीआरसी तोमर इस घटना का वीडियो बना रहे थे।

समझे पहले मामला

बदरवास बीआरसी अंगद सिंह तोमर ने बीआरसी शिवपुरी रहते हुए शिक्षा सत्र 2020—2021 में कंटनजेंसी घोटाला किया था,इस घोटाले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में 181 पर शिकायत क्रमांक 17450559, 17530385, 17553413, 17709610, 18640123, 19687029, 19702762, 17709594, 17709624 संजीव पुरोहित ने की थी। माना जा रहा है कि यह घोटाला भी 30 लाख रुपए से अधिक का है,यह सभी जांचे प्रचलन में है। इस जांच को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी सह जिला परियोजना संचालक जिला पंचायत शिवपुरी उमराव सिंह मरावी ने पत्र क्रमांक जिला शिक्षा केन्द्र मोबालाईजेशन 2023 2513 से 19 जुलाई 2023 को अंतिम चेतावनी पत्र बाल कृष्ण ओझा बीआरसीसी जनपद शिक्षा केन्द्र शिवपुरी को जारी किया था

इस पत्र का विषय था
वर्ष 2020-21 राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा विद्यालयों को भेजी गई कंटेंजेंसी राशि में विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी भ्रष्टाचार करने के संबंध में

अंतिम चेतावनी वाले इस पत्र की भाषा को समझने का प्रयास करते है
उपरोक्त विषय एवं संदर्भित के क्रम में शिकायतकर्ता श्री संजीव पुरोहित द्वारा की गई शिकायत और सीएम हेल्पलाइन क्रमांक 17450559, 17530385, 17553413, 17709610, 18640123, 19687029, 19702762, 17709594, 17709624 जिले अंतर्गत प्रचलन में है। साथ वही दूसरी और उक्त शिकायत की जांच हैतु जांच कमेटी सदस्य श्री हरीश शर्मा द्धवारा बताया गया कि बीआरसीसी शिवपुरी द्वारा जांच हैुतु समय नहीं निकाला गया और न ही जांच करने हेतु तैयार हुए इस कारण जांच लंबित है। उक्त विषय में आपको पूर्व में भी पत्राचार के साथ कई बार सूचित भी किया गया है कि जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करे लेकिन आज दिनांक 19 जुलाई तक आपके द्वारा जांच कर जांच प्रतिवेदन इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है।

अत:आप 07 दिवस में उक्त जांच पूर्ण कर जांच प्रतिवेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत करे अन्यथा की स्थिती में निर्धारित समयावधि में जांच प्रतिवेदन प्राप्त न होने की दशा मे एक पक्षीय कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी। जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व आपका होगा।

अंगद दोनो हाथो में लेना चाहते थे लड्डू

जानकारी मिल रही है कि सोमवार को यह विवाद हुआ था उससे पहले बीआरसी अंगद सिंह तोमर डीपीसी ऑफिस में आकर बैठ गए थे। आफिस रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। उसके बाद शिवपुरी बीआरसी ओझा आए और डीपीसी त्रिपाठी से विवाद करने लगे। इस विवाद से बचने के लिए डीपीसी अपने घर लंच के लिए चले गए,लेकिन यह दोनों उनके आने का इंतजार करते रहे जब डीपीसी लौटकर आए तो यह विवाद हो गया।

अगंद सिंह तोमर ने बीआरसी ओझा को मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर यह विवाद कराया था। विवाद होने में किसी ना किसी का नुकसान होता अगर बीआरसी शिवपुरी पर कार्रवाई होती तो अंगद उनकी कुर्सी पर अतिक्रमण कर लेते,अगर डीपीसी पर कार्यवाही होती तो डीपीसी बनने का सपना पूरा हो सकता था।

कलेक्टर शिवपुरी को अंगद के मोबाइल की जांच करना चाहिए

कलेक्टर शिवपुरी को बीआरसी अंगद सिंह तोमर के मोबाइल की जांच करना चाहिए,क्योंकि जब विवाद हो रहा था तब अंगद सिंह इस विवाद को सुलझाने के बजाय अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे,लेकिन गलती पूरी की पूरी बीआरसी ओझा से हो गई इस लिए अंगद ने अपने मोबाइल से वीडियो वायरल नही किए। वही कलेक्टर शिवपुरी को यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि सोमवार को अंगद डीपीसी कार्यालय में किस लिए गए क्या कोई मीटिंग थी कोई सरकारी काम से आए थे वह कार्यालयीन समय में डीपीसी ऑफिस में क्या करने गए थे,सवाल बडे है और जवाब मांग रहे है
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