शिवपुरी में देखने को मिली ब्रज की होली की झलक, राजपुरा रोड पर अहीर महिलाओं का हुआ लठ्ठ कलेक्टर- Shivpuri News

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शिवपुरी।
वैसे तो वृंदावन की होली दुनियाभर में फेमस हैं, वृंदावन में लाखों की तादात में लोग होली के जश्न को देखने पहुंचते हैं वहां हफ्तेभर पहले से ही होली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन शिवपुरी शहर के राजपुरा रोड पर शुक्रवार को होली की तीज पर हर साल की तरह इस बार भी लठमार होली खेली गई। सड़क के दोनों किनारों पर बने मकानों की छतों पर लट्ठमार होली का लुफ्त उठाने वाले हजारों लोगों की भीड़ थी।

आज एक बार फिर यहां होली पर बृज सा नजारा नजर आ रहा था। यादव समाज के लोग फाग (होली के लोकगीत) गाकर ग्वालनों को छेड़ रहे थे तो ग्वालनें भी इस छेड़छाड़ के बीच उन पर लट्ठों की बारिश कर होली खेल रही थीं। दरअसल यादव समाज द्वारा होली की तीज पर हर साल यह आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में यादव समाज ने पौराणिक परंपरा का निर्वहन करते हुए राजपुरा रोड पर शुक्रवार की शाम होली मिलन के साथ लट्ठमार होली का आयोजन किया।

शहर में बरसाने सी होली देखने जुटे लोग- बरसे रंग, गुलाल,अबीर—़

शहर में रंग, अबीर, गुलाल उड़ाकर लट्ठमार होली सिर्फ यादव समाज के लोगों द्वारा राजपुरा रोड पर ही मनाई जाती है। यह होली पूरे शहर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, इसलिए यहां रहने वाले लोगों के सगे संबंधियों सहित दोस्त, यार और मिलने वाले लट्ठमार होली देखने के लिए होली की तीज पर यहां पहुंचते हैं। शुक्रवार को हुए इस आयोजन को देखने के लिए यहां पहुंच गए और करीब दो से तीन घंटे तक इस होली का लुफ्त् उठाया।

भंग के रंग में रंगे यादव समाज के युवा—

भंग के रंग में रंगे युवाः समाज द्वारा होली मिलन समारोह पर भांग की ठंडाई का वितरण किया जाता है। इस बार भी यह प्रसाद वितरित किया गया तो युवाओं ने छक कर भांग पी और इसके बाद लट्ठमार होली में शामिल होकर खूब होली भी खेली। महिलाओं ने इस दौरान होली के बहाने रंग बरसाने वाले इन युवाओं और बुजुर्गों पर खूब लट्ठ बरसाए। यहां लट्ठमार होली को कहते हैं 'झंडा': यादव समाज के प्रधान महासचिव मप्र कल्याण यादव बंटी ने बताया कि उनके समाज में यहां पर इस लट्ठमार होली को 'झंडा' खेलना कहा जाता है।

इस खेल में एक बुजुर्ग व्यक्ति जो महिलाओं के कब्जे में होता है, उसे महिलाओं से छुड़ाने के लिए युवा आते हैं। उसे कंधे पर बिठा कर अपने साथ ले जाने का प्रयास करते हैं, परंतु महिलाएं उसे इन युवाओं को नहीं ले जाने देती हैं, इसके लिए वह बुजुर्ग को लेने आने वाले युवाओं पर लाठियों की बारिश करती हैं। इस खेल को 'झंडा' कहा जाता है। बंटी यादव के अनुसार इस खेल के साथ ही यादव समाज का होली मिलन समारोह भी मनाया जाता है, जिसमें समाज के सभी लोग एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हैं।