बस टाइगर और शिवपुरी के लिए टाइम नहीं है - Shivpuri News

जबलपुर में सांसद खेल महोत्सव ना तो राष्ट्रीय पर्व था, ना जनता के हित में जरूरी और ना ही पर्यावरण अथवा पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण फिर भी पूरा दिन खर्च कर दिया। दिन भर कोई काम नहीं था। कभी गिल्ली डंडा खेल रहे थे। कभी कंचे खेल रहे थे। खेलो इंडिया खेलो का मैदान होता है तो समझ में भी आता। जबलपुर के सांसद की ट्रॉफी का मूल्य इतना ज्यादा कैसे हो गया।

कौन से नेशनल चैंपियन है जिन का उत्साहवर्धन करना अभी जरूरी था


सांसद की ट्रॉफी जरूरी है या टाइगर


आयोजक और कैमरामैन को हटा दें तो 300 लोग भी नहीं है। यहां आधा शहर इंतजार कर रहा है।

अपने महाराज जूनियर हैं क्या