CM शिवराज की सभा में घिसटते हुए आया युवक,आयुष्मान कार्ड के लिए, अभी तक नहीं बना- Shivpuri News

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काजल सिकरवार@ शिवपुरी।
यह खबर कुछ कहती हैं,यह खबर सरकार की उन वादो की पोल खोलती है जो सामने दिखाए जाते है। शुक्रवार की दोपहर स्थान पोलो ग्राउंड,पोलो ग्राउंड में जनसेवा कार्यक्रम का बडा से मंच,मंच पर सीएम शिवराज,महाराज सिंधिया साथे में शिवपुरी विधायक और कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे और शिवपुरी के प्रभारी मंत्री सहित कई राज्यमंत्री,विधायक और पूर्व विधायक मंचासीन थे। मंच के सामने एक जिंदा आदमी एक आयुष्मान कार्ड बनवाने की गुहार लगाने के लिए सीएम से मिलने के लिए रेंगता हुआ जा रहा था।

कार्यक्रम का नाम था जनसेवा अभियान। मंच के सामने भाजपा के नेता अधिकारी और हजारों की संख्या में जनता। मंच पर सीएम के सामने एक महिला आयुष्मान कार्ड के गुणगान कर रही थी तभी अचानक प्रेस गैलरी में एक युवक हाथ में एक आवेदन लेकर घिसट घिसट कर चल रहा था। सभा स्थल पर सीएम जिंदाबाद के नारे लग रहे थे,जनसेवा का पिटारा खोला जा रहा था। नीचे हालत कुछ और थे युवक को सीएम की उम्मीद से जमीन पर रेंग रहा था।

बिलकुल फेयर लवली जैसा विज्ञापन जैसा कुछ हो रहा था मंच के ऊपर अपने आप को जनता का पुजारी कहने वाले सीएम जनता की सेवा के वादों की बात कर रहे थे और नीचे जिसको मदद की आवश्यकता थी उसे सहायता नहीं मिल रही थी। समझ नही आ रहा था कि कौनसे सीन को सही माना जाए। मंच के ऊपर जनता भगवान मानकर संबोधित किया जा रहा है और मंच के नीचे एक गरीब लाचार जिंदा आदमी,रेंग रहा था। पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। पुलिसकर्मियों की भी एक मजबूरी थी उसकी ड्यूटी करनी थी-शायद इसलिए रोक लिया होगा,लेकिन बात मुद्दे की यह है कि एक जरूरतमंद व्यक्ति एक समाज का अंतिम आदमी सीएम से मिल नहीं सका।

पहले आप समझे कौन था यह जमीन पर रेंगने वाला आम आदमी
पिछोर जनपद में आने वाली ग्राम पंचायत उमरी का 27 वर्षीय ब्रजेश मांझी। ब्रजेश मांझी आज से एक साल पूर्व 14 दिसंबर को टावर से गिर गया था उसकी रीड की हड्डी टूट गई अब जिंदा तो है मगर एक लाश की तरह उसका स्वाभिमान जिंदा रहे वह फिर अपने पैरो पर खड़ा हो सके। अपने परिवार का पेट भर सके भीख ना मांगे इसलिए वह रेंगते हुए भी संघर्ष कर रहा था।

ब्रजेश मांझी ने बताया कि वह टावर पर लाइट की वायरिंग का कार्य करता है,राजस्थान के जयपुर जिले के पास राजावास में पिछले साल दिसंबर में टावर पर चढकर वायरिंग खीच रहा था। टावर के नीचे के नट टूट गए और वह टावर सहित नीचे गिर गया। उसको जयपुर के मानसिंह हॉस्पिटल जे जाया गया,उसकी रीड की हड्डी का ऑपरेशन हुआ,लेकिन उसका कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न हो गया,करीब 1 माह तक उसका इलाज जयपुर चला उसके बाद उसके परिजन उसे पिछोर वापस ले आए। बृजेश का कहना था कि डॉक्टरों ने उससे कहा कि उसका एक ऑपरेशन और होगा उसके बाद उसके सही होने के कुछ चांस हैं।

ब्रजेश मांझी का कहना है कि वह विवाहित है और उसकी 2 बेटियां जो 2 साल और 1 वर्ष की है। परिवार के भरण पोषण के लिए उसका सही होना आवश्यक है। ब्रजेश मांझी पिछले एक साल से आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए संघर्ष कर रहा है,लेकिन वह बन नहीं सका है। बृजेश ने बताया कि उससे सेकटरी ने कहा कि तुम्हारा कार्ड बन गया है लेकिन तहसीलदार साहब साइन नहीं कर रहे हैं।

इसलिए वह आज सीएम से आयुष्मान कार्ड बनवाने की गुहार लगाने आया था लेकिन उसको सीएम साहब से मिलने नही दिया। उमरी कला के सेक्रेटरी का कहना है उसका नाम बीपीएल राशन कार्ड में नही था इसलिए एम राशन में उसका नाम जुडवाना है,तहसीलदार साहब आगे की कार्यवाही कर दे तो उसका काम हो जाऐगा। उसका नाम एम राशन में जुड़ कर पोर्टल पर दिखने लगेगा तो उसका आयुष्मान कार्ड बन सकता हैं।

ब्रजेश ने बताया कि जिंदगी नर्क है: नीचे का हिस्सा सुन्न, शर्मसार हूं

ब्रजेश मांझी ने बताया कि मै मजदूर हूं,मजदूरी करके खुश था लेकिन इस हादसे के बाद जिंदगी नर्क बन गई हैं। एक दिन में कई बार मौत आती है कमर का नीचे का हिस्सा सुनना है,पता नही चलता कब पेशाब आ जाती है और कब शौच,दिन में कई बार शर्मसार होना पड़ता है,नर्क क्या है इस जिंदगी को देखकर महसूस कर सकता हूं अब में दूसरों पर आश्रित हूं, सरकार से मदद की उम्मीद है लेकिन एक आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए रेगते रेगते आफिसो के चक्कर लगा रहा हूं फिर भी कार्ड नहीं बन रहा है।

जो भी व्यक्ति ब्रजेश मांझी से बात कर उसकी मदद करना चाहता है,भाजपा को काई कार्यकर्ता या पदाधिकारी को लगता है कि उसकी मदद होनी चाहिए तो ब्रजेश मांझी 86430.32263 पर संपर्क कर सकते हैं।