बोले कांग्रेस जिलाध्यक्षः शिवपुरी में राजे और पिछोर में केपी सिंह का विकल्प नहीं, करैरा रिपीट नही होगी- Shivpuri News

शिवपुरी।
हालांकि अभी मप्र में आगामी विधानसभा का चुनाव एक वर्ष का समय है लेकिन राजनीतिक दलो में हलचल होना शुरू हो गई हैं। बाजार में भी सफेद कुर्ते पजामे की भी डिमांड बढ़ने लगी हैं। प्रशासन ने चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह द्वारा कलेक्ट्रेट में बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को चुनाव और वोटर सूची के सत्यापन के लिए बुलाया था।

इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंडित श्री प्रकाश शर्मा बातों-बातों में कह गए कि पिछोर में विधायक केपी सिंह का कोई विकल्प नहीं और शिवपुरी मे मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का।इसके अलावा अन्य जगह बदलाव हो सकता है। क्योंकि यहां लंबी लाइन है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष फिर से सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने खुद ही शिवपुरी में अपनी पार्टी को कमजोर बता दिया है।

कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को प्रशासन की ओर से बुलाई गई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री प्रकाश शर्मा ने खुद स्वीकार किया कि करैरा में हमारा विधायक रिपीट नहीं होगा और शिवपुरी में यशोधरा राजे सिंधिया ही रिपीट होंगी। जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष यह बात कह रहे थे तब भाजपा के पदाधिकारी भी मौजूद थे। भाजपा के सामने ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपनी पार्टी के संगठन पर सवाल खड़े कर दिए।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बातो बातो में अपने कार्यकर्ताओं के लिए कह दिया कि वे काम नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़े लोग मेहनत नहीं करना चाहते हैं और इसमें पढे लिखे लोग भी शामिल हैं। उनका कहना होता है कि मेहनत हम करेंगे, लेकिन श्रेय दूसरे को मिल जाएगा।

श्रीप्रकाश शर्मा ने कहा कि पिछोर का उदाहरण ही लो वहां केपी सिंह पिछले 6 बार से जीत रहे हैं और आगे भी वे ही रहेंगे और उनकी कोई प्रतियोगिता में नहीं है। उनके लोग जागरूक होकर कर लेते हैं। अन्य विधानसभाओं की बात करें तो अब करैरा में जरूरी थोड़े ही है कि विधायक रिपीट होंगे या हमें पोहरी, कोलारस विधानसभा में हमें मिल जाएगा। यहां तो 10 से 12 लोग कतार हैं इसलिए कोई काम नहीं करता है।

अब यहां शिवपुरी में तो राजे साहव ही लड़ेंगी उनका कोई दूसरा विकल्प नही हैं। जब ज्यादा लोगों को उम्मीद होती है तो उनमें यह रहता है। कि मैं क्यों करू, कही श्रेय दूसरे को मिल गया तो इस दौरान खुद जिलाध्यक्ष के साथ भाजपा नेता भी ठहाके लगाते रहे।

सिंधिया के बिना कांग्रेस के सामने पहाड़ जैसी चुनौती

ज्येतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने के बाद कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती है। कई बड़े कांग्रेस नेता भी सिंधिया के साथ भाजपा में चले गए। हालांकि उप चुनाव में करैरा में सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। वहीं पोहरी में भाजपा को जीत मिली थी। कोलारस में कांग्रेस के पूर्व विधायक महेंद्र यादव भाजपा में चले गए हैं और कहां प्रत्याशी चुनना कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। शिवपुरी में भी यशोधरा राजे सिंधिया के सामने दमदार प्रत्याशी खड़ा करना हमेशा ही कांग्रेस के सामने चुनौती रहा है। हालांकि अभी कांग्रेस इलेक्शन मोड में दिखाई नहीं दे रही है, जबकि भाजपा ने संगठन स्तर पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।

भाजपा में भी टिकट को लेकर अंदरूनी कलह

भाजपा की बात करें तो यहां भी टिकट को लेकर अंदरूनी कलह दिखाई दे रही है। कोलारस में वर्तमान विधायक स्पष्ट रूप से आरोप लगा चुके हैं कि मेडिकल कालेज वाले मामले को कुछ टिकट की चाह रखने वाले नेता ही हवा दे रहे हैं और उनके खिलाफ षडयंत्र रच रहे हैं। पहले भी नगर परिषद चुनाव के समय महेंद्र यादव और वीरेंद्र रघुवंशी आमने सामने हो गए थे। पोहरी में राज्यमंत्री सुरेश राठखेडा ने उपचुनाव में भी जीत दर्ज की थी, लेकिन यहां भी भाजपा से टिकट चाहने वालों की लंबी कतार है जिसमें कई दिग्गज भी शामिल हैं।