जीवन में कर्जे का आतंक,इसका सबसे बड़ा कारण घर के नैऋत्य कोण का दोष: वास्तुविद प्रयास मंगल- Shivpuri News

शिवपुरी।
अगर आप कर्जे से परेशान है और अत्यधिक प्रयास करने के बाद भी आप को कर्ज पीछा नही छोड रहा तो कही न कही आपके निवास स्थान या व्यापार स्थान में वास्तु का दोष हो सकता है। हालांकि कर्ज वाले मामले में आपके ग्रहों का भी हाथ होता है। कर्ज लेने की नौबत क्यों आती हैं आपका वास्तु कहा बिगड गया आइए जानते हैं प्रयास मंगल की नजर से

कर्ज बढ़ने के क्या है कारण :-

अगर आपके घर की वायव्य दिशा में वास्तु दोष होने पर कर्ज लेने की प्रवृत्ति उत्पन्न होती है इससे व्यक्ति बिना आवश्यकता के ही कर्ज के चक्कर में फँस जाता है,घर के अग्नि कोण दक्षिण-पूर्व ) में दोष होने पर खर्चे इतने बढ़ जाते हैं कि कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाता हैं। प्रतिष्ठा दांव पर लग सकती है घर की ईशान दिशा (उत्तर-पूर्व ) में वास्तु दोष होने पर गृहस्वामी अपनी मूर्खता से कर्ज के चक्कर में फँसता हैं।

शेयर मार्केट,जुआ,सट्टा,लाटरी से धन कमाने के लालच में कई लोग बिना बात ही कर्जदार बन जाते हैं,घर के नैऋत्य कोण (दक्षिण पश्चिम ) में वास्तुदोष हो तो ऐसे लोगों को कर्ज उतारने के लिए अपने घर ,प्रॉपर्टी और दुकान तक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता हैं। गृहस्वामी का बेडरूम वायव्य दिशा में हो तो इससे व्यवसाय पर नियंत्रण नहीं हो पाता और व्यवसाय में हानि होने लगती है परिणामस्वरूप कर्ज बढ़ सकता हैं।

घर की पूर्व दिशा में सीढ़ियों या अन्य कोई ऊँचा निर्माण हो व नैऋत्य कोण में टॉयलेट या बेसमेंट हो तो गृहस्वामी कर्ज चुका नहीं पाता और कर्ज की वजह से उसे जेल भी जाना पड़ सकता है
जन्मपत्री में शनि ग्रह अशुभ हो तो नये घर का निर्माण करने या पुराने घर में नवनिर्माण से वास्तु दोष उत्पन्न होते हैं जिनसे कर्जा बढ़ता है।शुक्र ग्रह अशुभ हो तो घर में इंटीरियर करने व ज्यादा लकडी का प्रयोग करने से दोष पैदा होने की वजह से कर्जा बढ़ता है।

राहु ग्रह अशुभ हो तो उत्तर पूर्व दिशा में खुले हुए हिस्से को कवर करवाने,निर्माण से भारी करवाने, घर के पास उत्तर पूर्व दिशा में ऊंचा मकान बनाने,अशुभ दिशा में गड्ढा खोदने या फालतू का सामान गंदगी सीलन की वजह से घर में वास्तु दोष बढ़ने पर कर्ज बढ़ता है।
बुध ग्रह अशुभ हो तो ड्राइंग रूम में इंटीरियर कराने,गार्डन पेड़ पौधे लगाने व कन्या के विवाह के बाद कर्ज बढ़ सकता है।

वायव्य दिशा में वास्तु दोष के क्या बनते है कारण

अंडरग्राउंड पानी का टैंक ,कुआं ,बोरिंग, बेसमेंट ,नीचा फर्श ,विस्तार, खड्डा ,मुख्य द्वार या नैऋत्य कोण से ऊँचा निर्माण होने पर वायव्य दिशा दूषित हो जाती है और कर्ज लेना गृहस्वामी की मजबूरी बन जाती है नीलाम होने वाली संपत्तियों में वायव्य दिशा के वास्तु दोष मुख्य कारण बनते हैं

क्या करें उपाय

कर्ज से परेशान गृहस्वामी को घर के दक्षिण पश्चिम या नैऋत्य कोण वाले बेडरूम में ही सोना चाहिए। बेडरूम के नैऋत्य कोण में उत्तर या पूर्व मुखी अलमारी रखकर उसमें ही अपना पैसा,प्रॉपर्टी के कागजात और ज़ेवर रखने चाहिए इससे धन की वृद्धि होगी और कर्ज मांगने वाले ज्यादा परेशान नहीं करेंगे

इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बेडरूम की वायव्य और नैऋत्य दिशा में कोई गेट या खिड़की ना हो अगर हो तो उसे बंद ही रखें धन आगमन का सम्बन्ध घर की उत्तर दिशा से होता है इसलिए उत्तर दिशा मध्य में, मुख्य द्वार या अंडरग्राउंड पानी का टैंक बनाने से भी कर्ज से तुरन्त राहत मिल जाती हैं।

कर्ज की वजह से अगर मकान बेचने की नौबत आ जाये तो तुरंत घर के नैऋत्य कोण को ऊँचा और भारी करवा देना चाहिए अगर इस दिशा में निर्माण करवाना संभव न हो तो एक ऊँचा लोहे का एंगल या पिलर बनाकर और कुछ ईंटें या भारी सामान रखकर भी इस दिशा के दोष कम किये जा सकते है।

उत्तर व पूर्व दिशा में भूलकर भी भारी वस्तु न रखें अन्यथा कर्ज, हानि व घाटे का सामना करना पड़ सकता है यदि उत्तर दिशा में ऊँची दीवार बनी है तो उसे नीचा करके दक्षिण में ऊँची दीवार बना दें,भूमि का ढलान भी उत्तर ,पूर्व या ईशान दिशा में करने से कर्ज से तुरन्त राहत मिल सकती है।

शनि शुक्र राहु व बुध जैसे ग्रहों के दोष की वजह से कर्ज बढ़ रहा हो तो इनसे सम्बन्धित वस्तुओं को घर में कम रखें इनका अधिक से अधिक दान करें। मंगलवार को कभी किसी से कर्ज नहीं लेना चाहिए यह पैसा बहुत मुश्किल से वापस लौटता है।
वास्तुविद प्रयास मंगल,एशिया एवं इंडिया बुक रिकॉर्ड होल्डर संपर्क 9630324292