प्रेमी के बुलाने पर प्रेमिका अकेले में नहीं आई गुस्से में सिर पर पत्थर पटक दिया: महिला की मौत- kolaras News

कोलारस। खबर जिले के कोलारस थाना अंतर्गत आने वाले गांव गोरा टीला से आ रही हैं कि गोरा टीला में प्रेमी के द्वारा प्रेमिका को बुलाने पर अकेले में नहीं आने के कारण उसके साथ मारपीट करते हुए सिर पर पत्थर पटक दिया। प्रेमी उसे घायल अवस्था में छोड कर भाग गया।

2 दिन बाद जब प्रेमिका के घर से सड़ांध आना शुरू हुई और पड़ोसियों ने जाकर देखा तो घायल महिला मृत अवस्था में मिली। पुलिस ने इस मामले में लाश का पीएम कराते हुए प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार कोमल पत्नी स्व. इमरत आदिवासी उम्र 35 साल निवासी गोरा टीला के गांव के युवक रामपाल गुर्जर से प्रेम संबंध थे। इसी क्रम में सोमवार को गांव में एक बारात जाने के बाद खोइया (बरात जाने के बाद महिलाओं द्वारा खेला जाने वाला खेल) चल रही थी। इसी दौरान रामपाल गुर्जर ने कोमल को अकेले में बुलाया। कोमल उसके बुलाने पर नहीं गई तो रामपाल ने गुस्से में उसके सिर पर पत्थर मार दिया।

पत्थर की चोट से कोमल गंभीर रूप से घायल हो गई तो रामपाल गुर्जर उसे उसके घर में लिटा कर वहां से चला गया। बुधवार को जब कोमल के घर में से सड़ांध आई तो गांव वालों ने उसके घर में जाकर देखा। घर में कोमल मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। गांव वालों ने मामले की सूचना पुलिस को दी, जिस पर पुलिस ने मौके पर जाकर लाश बरामद कर उसका पीएम करवाया। गांव वालों की बयानों के आधार पर रामपाल को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का प्रकरण कायम कर लिया है।

अस्पताल ले जाता तो बच जाती जान

प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि कोमल की मौत सिर में चोट लगने के बाद लगातार खून बहने के कारण अत्यधिक खून बह जाने के कारण हुई है। यदि कोमल के सिर में चोट लगने के बाद उसे अस्पताल ले जाया जाता तो संभवतः उसकी जान बच सकती थी। घटना के वक्त ग्रामीणों ने रामपाल को मारपीट करते देख लिया था, लेकिन उन्होंने भी युवती को अस्पताल ले जाने की न तो खुद कोशिश की और न ही इस बारे में आरोपी से बात की।

बेटा मजदूरी पर, मृतका घर थी अकेली

मृतक के यहां एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटी की शादी कस्बा थाने में हुई है। ऐसे में वह अपनी ससुराल में रहती हैं। बेटा मजदूरी के लिए शिवपुरी रहता है। गांव में कोमल आदिवासी अकेली थी। यही कारण रहा कि रामपाल जब उसे उसके घर में छोड़ आया तो किसी को उसके बारे में पता नहीं चल पाया। अगर बेटा-बेटी में से कोई घर पर होता तो संभवतः कोमल को उपचार मिल जाता और उसकी जान बच जाती।