108 व्यवस्था खुद वेंटिलेटर पर: प्रसूता को लेने लई 108 का रास्ते में डीजल खत्म, 3 घंटे तक तड़पती रही प्रसूता- Shivpuri News

शिवपुरी।
जिले में जब से CMHO डॉ पवन जैन ने चार्ज संभाला है तब से शिवपुरी जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार सिर चढकर बोल रहा है। यहां खुलेआम जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं देखने को मिलती है। शिकायतें भी लगातार होती है। और सीएमएचओ की ओर से संबंधित को नोटिस भी जारी होते है। परंतु नोटिस जारी होने के बाद इन नोटिसों का क्या होता है यह तो पाठक समझ ही गए होगे। परंतु हद तो तब हो गई जब जिले में प्रसूताओं की जान पर बनकर आ रही है।

अभी हाल ही में एक प्रसूता पूरी रात डायल 108 का इंतजार करती रही। परंतु 30 मिनिट में पहुंचने का दाबा करने बाली 108 पूरी रात में गंतव्य तक नहीं पहुंच सकी। इसे लेकर भले ही कलेक्टर सीएमएचओ को मानव अधिकार आयोग से नोटिस मिल गया है। परंतु उसके बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं का ठर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला फिर कोलारस क्षेत्र का सामने आया है। जहां एक प्रसूता को लेने गई 108 एम्बुलेंस का रास्ते में डीजल खत्म हो गया। प्रसव पीड़ा से कराह रही प्रसूता चिल्लाती रही परंतु एम्बुलेंस में डीजल नहीं होने के चलते 3 घंटे तक रास्ते में ही तडपती रही।

जानकारी के अनुसार रन्नौद थाना क्षेत्र के नेगमा गांव के रहने वाले लखन सिंह लोधी ने बताया कि उसके छोटे भाई उमेश लोधी की पत्नी रानी लोधी के प्रसव पीड़ा उठी थी, जिसके बाद उसे रन्नौद के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां से उसकी हालत बिगड़ रही थी, जिसके चलते उसे डॉक्टरों ने शिवपुरी के लिए रैफर कर दिया था। अपने छोटे भाई की पत्नी को ले जाने के लिए उसने 108 एंबुलेंस का सहारा लिया, एंबुलेंस की मदद से वह प्रसूता रानी लोधी को लेकर शिवपुरी के लिए निकला था लेकिन कॉलेज निकलने के बाद ही पडोरा चौराहे के पहले गांधी पेट्रोल पंप पर उसका डीजल खत्म हो गया।

लखन सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 घंटे बाद भी 108 एंबुलेंस में डीजल की व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। इधर, उसके छोटे भाई की बहू की पीड़ा बढ़ती ही जा रही है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पवन जैन का कहना है कि उन्होंने प्रभारी से जानकारी जुटाई है कि 3 घंटे तक एंबुलेंस डीजल के अभाव में किन कारणों के चलते पेट्रोल पंप पर ही खड़ी रही, डॉ. पवन जैन का कहना है कि 108 एंबुलेंस के प्रभारी को इस संदर्भ में एक नोटिस भी जारी किया जा रहा है। अब समझ से परे है कि नोटिस तो यहां प्रशासन जारी कर देता है परंतु इन नोटिसों पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही क्यों नहीं होती यह समझ से परे है।