दावों की पोल खोलता फोटो: यहां टॉर्च से होता है इलाज, जनरेटर तो है पर चालू नहीं - kolaras News

कोलारस। जिले के कोलारस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदइंतजामी की तस्वीरें सामने आई हैं। यहां स्वास्थ्य अधिकारियों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ने लगी है। लापरवाही की एक तस्वीर कोलारस के स्वास्थ्य केंद्र पर देखने को भी मिली। जहां लाइट की तमाम होने के बाद भी टॉर्च की लाइट से इलाज किया जा रहा है।

पिछले दिनों कोलारस के लुकवासा पुलिस चौकी के देहरदा-ईसागढ़ रोड पर पचावली के पास एक्सीडेंट हुआ था। पचावली स्थित टोल टैक्स के पास कार ने बाइक सवार 2 लोगों को टक्कर मार दी थी। बाइकर दीपक लोधी और उसका साधी अमोल लोधी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। राहगीरों की मदद से उन्हें कोलारस स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती करवाया गया।

यहां लाइट के सारे इंतजाम होने के बाद भी मोबाइल की टॉर्च से इलाज किया गया। इलाज के दौरान हॉस्पिटल में लाइट नहीं थी। इंतजाम देख परिजनों ने नाराजगी जताई। कागजों में बताया गया है कि इमरजेंसी के लिए हॉस्पिटल में सभी तरह की व्यवस्था हैं। पेपर में बताया गया कि हॉस्पिटल में जनरेटर, इन्वर्टर और सोलर एनर्जी से लाइट की पूरी व्यवस्था प्रदान की गई।

कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने भी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने मैनेजमेंट को फटकार भी लगाई। लेकिन उन पर कोई काम नहीं हुआ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पवन जैन ने कहा कि इमरजेंसी की सभी व्यवस्थाएं कोलारस स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद है। लेकिन कुछ कारणों के चलते टॉर्च की लाइट से इलाज किया गया।