कोरोना काल मे नियुक्त चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को नियमित किया जाए: सांसद डॉ.के.पी.यादव- Shivpuri News

शिवपुरी। 2 वर्षों से कोरोना के विपरीत काल में जब जनता पर विपदा की घड़ी आई तो चिकित्सकों ने एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने अपने स्वास्थ्य की चिंता न करते हुए दिन रात अथक परिश्रम के साथ देश की सेवा की है। कोरोना काल में मरीजों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए एवं टीकाकरण अभियान जैसे वृहद स्तर पर चलाए गए स्वास्थ्य कार्यक्रमों में संविदा पर चिकित्सकों की बड़े पैमाने पर नियुक्ति की गई थी।

लेकिन अब इन चिकित्सकों को कई राज्यों में हटाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए गुना-शिवपुरी-अशोकनगर के सांसद डॉ के पी यादव ने लोक महत्व के नियम 377 के अधीन संसद में लोकसभा सत्र के दौरान मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा 2005 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का संचालन किया जा रहा है, जिसमें संविदा पर चिकित्सकों की भर्ती होती है। कोरोना के समय स्वास्थ्य सुविधाएं बाधित हुई थी और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी चिंता न करते हुए मरीजों की सेवा की और कोरोना की हर लहर से लड़ने में अग्रणी भूमिका निभाई।

भारत सरकार के अथक प्रयासों से आज देश में कोरोना के मामले बहुत कम हैं और टीकाकरण अभियान भी 184 करोड़ तक पहुंच गया है, विभिन्न राज्यों में कोरोना के मरीजों की कमी के कारण संविदा पर नियुक्त चिकित्सकों की सेवाओं को समाप्त करने के आदेश दिए जा रहे हैं, जिससे यह चिकित्सक बेरोजगार हो जाएंगे, मेरा सरकार से आग्रह है कि लाखों संख्या में नियुक्त हुए चिकित्सकों और कर्मचारियों की मेहनत को सम्मानित करने हेतु इनकी सेवाओं का नियमितीकरण के साथ इनको नियुक्त किए गए पदों पर स्थाई नौकरियां दी जाएं, जिससे हमारे देश के चिकित्सक- रोगी अनुपात को सुधारा जा सके और जनता को अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहना पड़े, साथ ही आयुष्मान भारत का सपना भी साकार हो।

गौरतलब है कि सांसद डॉक्टर के पी यादव स्वयं पेशे से चिकित्सक हैं व लगभग 20 वर्ष तक उन्होंने चिकित्सा सेवाएं प्रदान की है। चिकित्सकों से जुड़े प्रत्येक मामले को वह बेहद गंभीरता से लेते हैं तथा चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।