घटिया पाइप लाइन बन रही है सिरदर्द, सिंध की पाइप लाइन फूटने का सिलसिला लगातार जारी - Shivpuri News

शिवपुरी।
सिंध पाइप लाइन के साथ-साथ अब डिस्ट्रीब्यूशन लाइन की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सिंध पाइपलाइन से पेयजल की सप्लाई दिखाने को तो शुरू हो गई है। लेकिन आए दिन पाइप लाइन बिखरने से किसी न किसी इलाके में पेयजल संकट व्याप्त हो जाता है।

कल सोमवार को श्रीराम कॉलोनी क्षेत्र में पेयजल की सप्लाई करने वाली डिस्ट्रीब्यूशन लाइन फूट गई। जिससे इलाके में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। खास बात यह है कि श्रीराम कॉलोनी में डेढ़ माह से पेयजल सप्लाई बंद है और कल ही लाइन जोड़कर सप्लाई चालू की गई थी। पाइप लाइन फटने से सड़कों पर पानी का सैलाब जमा हो गया और बारिश जैसा नजारा नजर आने लगा। जिससे कई गाड़ियां पानी में फंस गई।

कल सुबह जब श्रीराम कॉलोनी निवासी पानी का इंतजार कर रहे थे। उन्हें बताया गया था कि आज पेयजल सप्लाई होगी। लेकिन उनके सपनों पर तब तुषारापात हो गया जब कलेक्टर बंगले के नजदीक डिस्ट्रीब्यूशन लाइन अचानक फूट पड़ी। जिससे कई सरकारी गाडिय़ां पानी में फंस गई और अधिकारियों को पैदल ही कलेक्टर बैठक में जाना पड़ा।

नपा में व्याप्त भ्रष्टाचार से जनता परेशान

नगर पालिका शिवपुरी पिछले कुछ वर्षो में भ्रष्टाचार का बढ़ा केन्द्र बना हुआ है और इस विभाग में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारियों ने करोड़ों रुपए के बारे न्यारे किए हैं। सिंध पेयजल परियोजना को इसी भ्रष्टाचार के कारण बड़ा चूना लगा है और इसका दर्द शिवपुरी की जनता लगातार भुगत रही है। पहले खराब जीआरपी लाइन की चर्चा होती थी।

जिसकी वजह से घरों और पानी की टंकी में सिंध का पानी नहीं पहुंच पाता था अब डिस्ट्रीब्यूशन लाइन भी सवालों के घेरे में है। खास बात यह है कि करोड़ों का भ्रष्टाचार करने के बाद भी किसी भी नपा अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे उनके हौंसले बुलंद बने हुए हैं। समाजसेवियों ने सिंध परियोजना में हुए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

तेज गर्मी के कारण शहर में बड़ा पेयजल संकट

इस बार गर्मी का प्रकोप समय से पहले शुरू हो गया। तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया है। जिसके कारण जमीन में जल स्तर काफी नीचे चला गया है। सिंध पाइप लाइन रोजाना फूट रही है। जिससे नलकूपों पर दबाव पड़ रहा है और कई नलकूप तो अभी से बोलने लगे हैं। लोग किसी तरह महंगे पानी के टैंकर खरीद कर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं।