आज से बदल रहे हैं यह ग्रह,पर संकटमोचक हर लेंगे सब संकट: हनुमान जयंती पर विशेष रवि-योग - Shivpuri News

शिवपुरी। आने वाली 16 तारीख को हनुमान जयंती है। हनुमान जयंती भगवान हनुमान जी के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भक्त गण बजरंगबली के नाम का व्रत रखते हैं। प्रत्येक वर्ष हनुमान जयंती चैत्र मास (हिन्दू माह) की पूर्णिमा को मनाई जाती है।

शहर में रामनवमी के बाद अब शहर के हनुमान मंदिरों पर हनुमान जयंती की तैयारी शुरू कर दी गई हैं,क्या करे हनुमान जयंती के दिन की संकट मोचन हमारे सारे संकट हर ले,इस बार पंचाग भी बना रहा हैं सूर्य को और अधिक तेजस्वी कौन जा बन रहा हैं। आज से बदल भी रहे ग्रह बचा सकते हैं केवल आपको संकट मोचन,पढिए ज्योतिष और धर्म से भरी खबर

शिवपुरी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य लक्ष्मीकांत शर्मा की नजर से देखें तो अप्रैल का महीना बड़े बदलाव लेकर आ रहा है। इस महीने शनि, राहु-केतु जैसे ग्रह राशि बदल रहे हैं, जिनकी बुरी नजर भी जिंदगी तबाह करने के लिए काफी है। छाया ग्रह राहु-केतु 12 अप्रैल 2022 को राशि बदल रहे हैं, वहीं शनि 29 अप्रैल को गोचर करेंगे। ज्योतिष के मुताबिक इन क्रूर ग्रहों की स्थिति में बदलाव कई राशि वाले जातकों पर भारी साबित होगा। ऐसे में इन ग्रहों से होने वाले अशुभ असर से बचने के लिए पहले ही उपाय कर लेना बेहतर रहेगा।

हर संकट हर लेंगे हनुमान

पवन पुत्र हनुमान हर संकट को हर लेते हैं इसलिए उन्हें संकटमोचक कहा जाता है. यदि 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के दिन कुछ उपाय कर लिए जाएं तो शनि, राहु-केतु से होने वाले बुरे असर से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है.

हनुमान जी को बेसन के लड्डू बहुत प्रिय हैं. हनुमान जयंती के दिन उन्हें बेसन के लड्डुओं का भोग लगाएं,ऐसा करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होगा। संकटमोचक को मीठा पान भी अर्पित करें। इसमें कत्था, गुलकंद, खोपरा, सौंफ और गुलाबकतरी का उपयोग करें लेकिन चूना, सुपारी, आर्टिफिशियल सुगंधित चीजें गलती से भी न डालें।

हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाना ढेरों समस्याओं का समाधान है,लिहाजा हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली को चोला जरूर चढ़ाएं,साथ ही चमेली के फूलों की माला और लाल लंगोट भी अर्पित करें,यदि यह उपाय हनुमान जयंती से शुरू करके आगामी 11 पूर्णिमा तक करें तो बड़े से बड़े संकट से निजात मिल सकती हैं। हनुमान मंदिर में तिकोना लाल झंडा लगाएं, ऐसा करना आपको हर काम में सफलता दिलाएगा और आपको खूब तरक्की देगा.

हनुमान जयंती पर बन रहे हैं शुभ योग

पंचांग की गणना के अनुसार इस वर्ष हनुमान जयंती पर रवि योग बन रहा है।शास्त्रों में इस योग को किसी भी कार्य को सम्पन्न करने के लिए श्रेष्ठ माना गया हैं। रवि-योग को सूर्य का विशेष प्रभाव प्राप्त होने के कारण प्रभावशाली योग माना गया है। यही कारण है कि सूर्य की पवित्र ऊर्जा से भरपूर होने से इस योग में किया गया कार्य में असफलता मिलने की संभावना बहुत कम हो जाती है। पंचांग के अनुसार इस दिन यानी 16 अप्रैल को हस्त नक्षत्र सुबह 08 बजकर 40 मिनट तक है। इसके बाद चित्रा नक्षत्र आरंभ होगा,इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेगा।

पौराणिक कथा

अंजना एक अप्सरा थीं, हालाँकि उन्होंने श्राप के कारण पृथ्वी पर जन्म लिया और यह श्राप उन पर तभी हट सकता था जब वे एक संतान को जन्म देतीं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार केसरी श्री हनुमान जी के पिताथे। वे सुमेरू के राजा थे और केसरी बृहस्पति के पुत्र थे। अंजना ने संतान प्राप्ति के लिए 12 वर्षों की भगवान शिव की घोर तपस्या की और परिणाम स्वरूप उन्होंने संतान के रूप में हनुमान जी को प्राप्त किया। ऐसा विश्वास है कि हनुमानजी भगवान शिव के ही अवतार हैं।