FSSAI का ईट राइट इंडिया मूवमेंट- सरकारी फाइलों में ही सिमट कर रह गया, मिलावटी खाद्य सामग्री का विक्रय खुलेआम - Shivpuri News

संतोष शर्मा@शिवपुरी। भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया ईट राइट इंडिया अभियान तथा प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे मिलावट से मुक्ति अभियान महज समाचार पत्रों की खबरों एवं सरकारी फाइलों में ही सिमट कर रह गया है। हकीकत में आज में मिलावटी खाद्य सामग्री का विक्रय खुलेआम हो रहा है जिस पर कोई कार्यवाही न होने से मिलावटखोरों का साम्राज्य दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, क्योकि जिम्मेदार विभाग में कार्यवाही करने के लिए न तो संसाधन हैं और न ही कर्मचारी।

अब बात करते है शिवपुरी जिले की जहां 17 लाख 26 हजार की आबादी, 10 हजार 666 वर्ग किमी क्षेत्रफल एवं नौ तहसीलों हैं, जहां खुलेआम बाजारों में मिलावटी तेल, मसाले सहित अन्य कई खाद्य पदार्थ दुकानों पर बेचे जा रहे हैं। शिवपुरी जिले में मिलावटी सामग्री के विरूध्द कार्यवाही करने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग की है जिसमें केवल तीन कर्मचारी ही तैनात हैं, जिसमें से एक पास तो अशोकनगर जिले का प्रभार है, इतने बड़े जिले में यह तीन कर्मचारी क्या कार्यवाही कर पायेगें और कितने स्थानों पर कर सकेंगे यह अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है। आम लोगों के स्वास्थ्य एवं उनकी सेहत को लेकर सरकारों ने कितना काम किया है यह विभागीय संरचना को देखकर ही स्वत: परिलक्षित हो रहा है।

जांच रिपोर्ट आने में ही लग जाता एक माह

बिना अमले के कार्य कर रहे महज चंद कर्मचारियों के द्वारा जब किसी शिकायत अथवा विभागीय निर्देशानुसार जांच के लिए नमूना एकत्रित किये जाते है तो उसमें प्रिजर्वेटिव मिलाकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल को भेजा जाता है वहां से रिपोर्ट आने में 20 से तीस दिनों का समय लग जाता है ऐसे में यदि नमूना मापदण्डों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तब भी मिलावटखोरों को मिलावटी सामग्री बेचने का भरपूर समय मिल जाता है।

आखिरी क्या है ईट राइट एवं मिलावट से मुक्ति अभियान

सितंबर, 2019 में FSSAI ने ईट राइट इंडिया मूवमेंट का शुभारंभ किया था जिसका उद्देश्य लोगों द्वारा नमक, चीनी एवं तेल की खपत को अगले तीन वर्षों में 30 प्रतिशत तक घटाना है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2020 से मिलावट से मुक्ति अभियान चल रहा है, इसके तहत वर्तमान में कुल 15 चलित प्रयोगशालाएं संचालित की जा रही। अब तक कुल 25 हजार से अधिक नमूनें लिये गये है।

इनका कहना है
हमारे द्वारा लगातार नमूने लिये जाते हैं, जिन्हे जॉच हेतु प्रयोगशाला भोपाल भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्यवाही भी की जाती है। आशुतोष मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवपुरी