सेसई वाले के बेटे को, न्यूड वीडियो कांड में, इंदौर पुलिस उठा ले गई- Shivpuri News

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शिवपुरी।
खबर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से आ रही है। जहां बीते दिनों सोशल मीडिया के जरिए अधेड़ और बुजुर्ग शासकीय बाबुओं को ब्लैकमैल के आरोप में पुलिस ने शिवपुरी के चार युवाओं को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में पुलिस ने आज शिवपुरी के एक युवा को आज शिवपुरी से उठाया है। यह युवा शहर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी का बेटा है। इसके साथ ही तीन अन्य युवकों को भी इसके साथ पुलिस ने शिवपुरी से उठाया है।

जानकारी के अनुसार बीते 2 फरवरी को इंदौर के विजयनगर थाना पुलिस ने न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करने के मामले में शिवपुरी के चार आरोपियों को हिरासत में लिया था। इस मामले में आज इंदौर पुलिस ने शिवपुरी के सागर गुप्ता जो कि सेसई वाले मिष्ठान भंडार गांधी पेट्रोल पंप के सामने का बेटा बताया जा रहा है। इस युवा को आज इंदौर पुलिस ने शिवपुरी से उसके घर से ही उठाकर ले गया। इस मामले में विजयनगर थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया है कि न्यूड वीडियो के मामले में आज पुलिस ने शिवपुरी से एक युवक को उठाया है। इसके साथ ही इनके तीन अन्य साथियों को भी हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस उठा रही है। आगे पूछताछ के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

क्या था मामला
इंदौर में न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करने वाले चार शिवपुरी के युवक पकड़े गए दस दिन में 200 से अधिक लोगों को शिकार बनाकर लाखों रुपए कर चुके थे वसूल

शिवपुरी। इंदौर के विजयनगर थाना पुलिस ने स्कीम 54 के एक फ्लैट से शिवपुरी से चार नवयुवकों मोनू राठौर, संदीप शर्मा, अमन जाट और सचिन धाकड़ को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी अपने शिकार के न्यूड वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे।

टीआई तहजीब काजी ने बताया कि पिछले दस दिन में ये युवक अभी तक 200 से अधिक लोगों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए वसूल चुके हैं। 10 दिन में ही ये युवक शिवपुरी से इंदौर आए हैं जहां उन्होंने स्कीम 24 में फ्लैट किराए पर लेकर उसे अपना डेरा बनाया है।

टीआई काजी ने बताया कि उन्हें इस मामले में शिकायत ईमेल के जरिए मिली थी। चारों के मोबाइल से कई अश्लील वीडियो मिले हैं। टीआई ने युवकों से पूछताछ के बाद जानकारी दी कि चारों आरोपी पहले सोशल मीडिया पर अपने शिकार की प्रोफाइल चैक करते थे और लड़कों की प्रोफाइल पर जाकर वह उनकी उम्र, रूचि तथा पसंद नापसंद की जानकारी जुटाते थे। अपने शिकार की आर्थिक हैसियत का भी वह पता लगा लेते थे।

इसके बाद वह लड़की का फोटो लगाकर फेक आईडी से अपने शिकार को फ्रेंड रिक्यूस्ट भेजते थे। लड़के जैसे ही फ्रेंड रिक्यूस्ट स्वीकार करते। वे उससे अश्लील चैटिंग शुरू कर देते थे, लड़की की आवाज बनाकर बात करते थे। इसके बाद अपने शिकार को न्यूड करवाकर उसकी स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए मोबाइल पर रिकॉर्ड कर लेते थे और फिर वसूली का खेल शुरू हो जाता था। उनके कब्जे से 9 मोबाइल व 25 से ज्यादा फर्जी सिमें जप्त की गई हैं।

वसूली के लिए बन जाते थे फर्जी पुलिस अधिकारी

टीआई काजी ने बताया कि स्क्रीन रिकॉर्डर से रिकॉर्ड हुए वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ब्लैकमेल करते थे। रुपए देने से इंकार करने पर वे फर्जी पुलिस ऑफिसर बनकर अलग-अलग नंबरों से फोन लगाते थे। एफआईआर कराने की धमकी देते थे। डर कर शिकार चारों आरोपियों के खाते में पैसे जमा कर देते थे। पुलिस अब इन सभी के मोबाइल और बैंक खातों की जांच कर रही है।

चार में तीन आरोपी दसवीं फेल थे

चारों आरोपियों में सिर्फ अमन ही बीएससी तक पढ़ा है। इसके अलावा मोनू, संदीप और सचिन सभी तीनों आरोपी दसवीं फेल हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। वे आईफोन और स्मार्ट फोन लेकर एक टैक्निक के जरिए लोगों को उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर नंबरों व रूचि के आधार पर टारगेट करते थे। वे अधिकतर 30 से 50 साल तक की उम्र के लोगों को अपना टारगेट बनाते थे।