शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज तो शुरू परंतु कार्डियोलॉजिस्ट नहीं, 2 माह में 18 मौतें, क्या यह कॉलेज सिर्फ दिखावा है - Shivpuri News

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शिवपुरी।
जब से शिवपुरी में सर्दी का प्रकोप बढता गया है तब से ही शिवपुरी में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या बढती जा रही है। हालात यह है कि लगभग एक माह में शिवपुरी में लगभग 100 से ज्यादा लोगों को हार्ट अटैक आया है। जिसमें से लगभग डेढ सैकडा लोग असमय काल के गाल में समा गए है। हालात यह है कि शिवपुरी में न तो मेडीकल कॉलेज होने के बाद कोई कार्डिेयोजिस्ट की पोस्टिंग हुई है और न ही हार्ड से संबंधित कोई जांचे। जिसके चलते हल्की सी परेशानी होने पर मरीजों को ग्वालियर रैफर होना पढ रहा है।

मेडीकल कॉलेज के अस्टिेंट प्रोफेसर डॉ रीतेश यादव ने बताया है कि जिले में सर्दी के साथ साथ हार्ट के मरीजों की संख्या में इजाफा तो हुआ है। जिसमें अधिकतर वह युवा शामिल हो जो जंक फूड या स्मोकिंग की चपेट में है। इसके साथ ही सर्दी का प्रकोप बढते ही यहां मरीज जरूर बढे है। परंतु मेने तो लगभग 50 मरीज देखें है। जिन्हें ज्यादा दिक्कत होने पर ग्वालियर रैफर किया गया है।

क्या है कारण

शिवपुरी में मेडीकल कॉलेज तो बन गया है परंतु यहां अभी तक कोई भी कार्डियोलोजिस्ट की पदस्थापना नहीं हुई है। जिसके चलते मरीजों को शिवपुरी से उपचार के लिए ग्वालियर जाना पडता है। बताया गया है कि हार्ट संबंधित जांचे ईसीजी को शिवपुरी में संभब है। परंतु टीएमटी ,ईकों और एन्जीयोग्राफी बिना कार्डियोलोजिस्ट के संभव नहीं है। जिसके चलते इन्हें ग्वालियर रैफर करना पढता है। अगर यहां कोई कार्डियोलोजिस्ट की नियुक्ति हो जाए तो समय रहते हार्ट के पैसेंटों को इलाज मिल सकता है।

मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. दिनेश राजपूत का कहना है कि यह बात सही है। सर्दी और बदलते मौसम के कारण हार्ट अटैक की समस्या बढ़ी है। इन हालातों के लिए कहीं न कहीं लोगों की लापरवाही भी जिम्मेदार है। ऐसे लोग जिन्हें बीपी, शुगर आदि की समस्या है, वे रेगुलर अपना चेकअप नहीं करवाते हैं, जिसके कारण यह समस्या सामने आती है। लोगों को लगातार अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करना चाहिए। डॉक्टर से रुटीन चेकअप करवाना और आवश्यकता अनुसार दवाओं में परिवर्तन जरूरी है। ऐसा नहीं करने के कारण ही कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं।
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