भोपाल। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रहने वाले आशीष पांडे के खिलाफ भोपाल में हत्या का मामला दर्ज हुआ है। आशीष पांडे पेशे से इंजीनियर है। उसके पिता स्टेट बैंक ऑफ इंदौर से रिटायर हुए हैं। उसकी पत्नी प्राइवेट स्कूल टीचर है। आशीष पांडे भोपाल में नेटलिंक कंपनी में जॉब करता है एवं 2014 से कटारा हिल्स स्थित सागर गोल्डन पार्क में रहता है।
एडिशनल एसपी राजेश सिंह भदोरिया ने बताया कि आशीष पांडे के पास ही सीहोर जिले की किसान धनराज मीणा अपने परिवार के साथ रहते थे। वह हॉर्टिकल्चर में उपयोग होने वाले पाइप का बिजनेस करते थे, इसके कारण अक्सर टूट जाया करते थे। लॉकडाउन के दौरान दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध बन गए। पारिवारिक संबंध कुछ समय बाद आशीष और धनराज मीणा की पत्नी संगीता मीणा के बीच अवैध रिश्ते में बदल गए। धनराज मीणा जब भी घर से बाहर जाता, आशीष उसकी पत्नी संगीता के पास आ जाता था।
एडिशनल एसपी ने बताया कि करीब 1 महीने पहले धनराज मीणा अपनी पत्नी को आशीष के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उसने आशीष से सारे संबंध तोड़ लिए थे और संगीता के साथ वैवाहिक रिश्ता तनाव में आ गया था। इसी के चलते आशीष और संगीता ने मिलकर हत्या की साजिश रची। आशीष के दादाजी नींद की गोलियां खाते थे। आशीष ने वही गोलियां संगीता को लाकर दी। संगीता ने नींद की 10 गोलियों का काढ़ा बनाकर कोरोनावायरस से बचाव के नाम पर अपने पति धनराज मीणा को पिला दिया।
जब वह गहरी नींद में सो गया तो संगीता ने आशीष को मैसेज कर दिया और आशीष घर के अंदर आ गया। दोनों ने मिलकर हथौड़े और लाठी से पीट-पीटकर धनराज मीणा की हत्या कर दी। फिर लाश को पैक कर के ठिकाने लगाने के लिए दिनभर भोपाल में घूमते रहे। बाद में संगीता मीणा अपनी कार की डिक्की में पति की लाश को लेकर पुलिस थाने आ गई और सरेंडर कर दिया।
