लोक अदालत में विवाद: बिजली कंपनी और वकील अब आमने सामने, आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक हडताल का फैसला - Shivpuri News

शिवपुरी।
जिला न्यायाल में पिछले 11 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत के दौरान बिजली विभाग के एई भदौरिया की मारपीट के मामले में अब बिजली कंपनी और एडवोकेट आमने सामने आ गए हैं। बिजली विभाग के विरोध के बाद कोतवाली पुलिस ने 4 लोगो को खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था इसमें से 3 वकील और 1 अन्य हैं। उसके बाद वकीलो ने भी एक आवेदन एसपी शिवपुरी को सौंपा हैं और इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग की है।

बिजली कंपनी के कर्मचारियों द्वारा चार नाम एफआइआर में बढ़ाने के लिए ज्ञापन दिया गया था जिसमें तीन पेशे से वकील हैं। मंगलवार को पुलिस ने प्रवीण त्रिपाठी, मोहित ठाकुर, देवेंद्र ओझा और हेमंत कटारे के नाम बढ़ा दिए जिसके बाद वकील ज्ञापन देने एसपी के पास पहुंचे। वहीं दूसरी ओर बिजली कंपनी के कर्मचारी भी उनकी गिरफ्तारी के लिए लामबंद हो गए हैं। सभी ने बुधवार से हड़ताल पर जाने का निर्णय ले लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है वे काम नहीं करेंगे।

बार एसोसिएशन ने भी सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन सौंपते समय संघ के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र समाधिया, उपाध्यक्ष जितेंद्र सिकरवार, सचिव पंकज आहूजा आदि ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर कहा कि लोक अदालत में झगड़े के दौरान बिजली विभाग के सहायक यंत्री की अज्ञात लोगों ने मारपीट की है जिसकी अभिभाषक संघ निंदा करता है।

वहीं फरियादी एई भदौरिया द्वारा अज्ञात आरोपितों के खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज करवाया लेकिन इसके बाद पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर उन्होंने जिला अभिभाषक संघ के तीन वकीलों के नाम वीडियो फुटेज के आधार पर लिखा दिए जो की गलत है। एई भदौरिया की पहले से ही प्रवीण त्रिपाठी से नहीं बन रही थी क्योंकि त्रिपाठी ने उनके विरूद्ध न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया है और उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत की है।

इसलिए उनका झूठा नाम एफआइआर में लिखाया गया है। वहीं मोहित ठाकुर, देवेंद्र ओझा राष्ट्रीय लोक अदालत की खंडपीठ के सदस्य होकर प्रकरणों में सुलह वार्ता करवा रहे थे। उनका भी इस घटना से कोई लेना देना नहीं है। अभिभाषक संघ ने एसपी से मामले की निष्पक्षता से जांच कराए जाने की मांग की।

सभी जिलों में आज सौंपा जाएगा ज्ञापन 

शहर के बानगंगा स्थित बिजली कंपनी के दफ्तर पर ग्वालियर संभाग के सभी जिलों से आए बिजली अधिकारी व कर्मचारियों ने बैठक में निर्णय लिया कि 11 दिसंबर को सहायक यंत्री बदरिया के साथ मारपीट में जो वीडियो वायरल हुआ है उसके मुताबिक एई की तरफ से चार आरोपित नामजद किए गए हैं। घटना के 3 दिन बाद भी पुलिस ने किसी भी गिरफ्तार नहीं किया है।

इस वजह से संभाग भर के बिजली कंपनी के कर्मचारियों में रोष है। जिला संयोजक एपी अग्रवाल का कहना है कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक जिले का कोई भी बिजली कर्मी काम नहीं करेगा साथ ही संभाग भर के सभी जिलों में आज बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की जाएगी।