kolaras News- रेंजर मेडम ने काट दी 230 लीटर ऑक्सीजन प्रतिदिन देने वाली मशीन, यह छटाई है तो कटाई कैसी होगी

कोलारस। एक स्वस्थ पेड़ हर दिन लगभग 230 लीटर ऑक्सीजन छोड़ता है, जिससे सात लोगों को प्राण वायु मिल पाती हैं। कोरोना काल में हमने ऑक्सीजन के बिना लोगो को तडप तडप कर मरते देखा हैं। यह हम इस कारण लिख रहें हैं कि मेडम रेंजर कृतिका शुक्ला ने 230 लीटर आक्सीजन देने वाली मशीन अर्थात एक स्वस्थ पेड की हत्या कर ट्रॉली में भरवा दिया।

अब इस खबर के दूसरे पहलू से देखते हैं। भारत सरकार का एक विभाग हैं फोरेस्ट विभाग इस विभाग का मूल काम हैं,पेडो की रक्षा करना,उन्है पोषित करना,इसके लिए लाखो अधिकारी और कर्मचारी वेतन लेते हैं,फिर बताते हैं कि वनविभाग का सबसे मूल काम और प्रथम काम पेडो की सुरक्षा,लेकिन कोलारस में पेडो की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी अपने कंधो ने ले रखी हैं उसने ही एक पूर्ण व्यस्क और स्वस्थ पेड को कटवा कर ट्रॉली में भरवा दिया है। और इन मजबूत कंधो का नाम हैं कोलारस रेंज की रेंजर कृतिका शुक्ला।

यह हैं मामला........
कोलारस फोरेस्ट कार्यालय और पीड्ब्ल्यूडी के सक्रिट हाउस की बाउण्ड्री के बीच में बर्षो पुराना एक इमली का हरा भरा पेड खडा था जिसे आज संडे को जिम्मेदारों ने कटवा दिया। रेंजर कृतिका शुक्ला ने सरेआम एक हरे भरे पेड की हत्या करते हुए इस पेड को कटवा दिया। नियमनुसार पेड कांटने की परमीशन नगर पंचायत या एसडीएम कार्यालय से लेना होती है।

परंतु यहां मेडम ने नियमों को दरकिनार करते हुए हरे भरे पेड को सेल कर दिया। इस पेड को शिवपुरी का एक व्यापारी काट कर अपने साथ ट्रॉली में भरकर ले जा रहा था। परंतु जैसे ही मामले की भनक जैसे ही शिवपुरी समाचार को लगी तो टीम मौके पर पहुंची और टीम को देखकर पहले तो वहां मौजूद माफिया इस पेड की लकडीयों को शमसान घाट ने जाने की कहने लगे। परंतु जब उसने ज्यादा बातचीत की तो वह पेड को छोडकर भाग गए।

जब इस मामले में प्रतिक्रिया लेने रेंजर कृतिका शुक्ला से बातचीत की तो वह पहले से मीडिया को गुमराह करते हुए परमीशन का दाबा करते हुए कहने लगी कि उन्होंने एसडीएस से परमीशन ली है। जिसपर उन्हें बताया कि एसडीएम तो मना कर रहे है। तो वह कहने लगे कि उन्होंने इनसे पहले बाले एसडीएम से परमीशन ली।

उसके बाद बोलने लगी कि उन्होंने तहसीलदार को बता दिया था। अब रक्षक ही अगर पेडों के भक्षक बन गए है तो फिर इन् पेडों की रक्षा कैसे होगी। एक तरफ तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रतिदिन एक पेड लगा रहे है। दूसरी और शासन द्धारा जिन्हें पेड काटने की जिम्मेदारी को रौकने के लिए नियुक्त किया है वह ही सरेआम हरे भ्ररे पेड कटवा रहे है।

मेेडम बोली पेड की छटाई कराई हैं,अब सवाल ऐसी छटाई तो कटाई कैसी

रेंजर कृतिका शुक्ला ने शिवपुरी समाचार से बातचीत करते हुए कहा कि उक्त पेड की छटाई कराई हैं कटाई नही। अभी तक हमने पेडो को छाटते देखा है कि पेड की पत्तिया और टहनी को काटा जाता हैं इस पेड के तने को ही काट दिया। मेडम अगर छटाई ऐसी होती हैं तो कटाई कैसी होती होंगी।

इनका कहना है
मेरे द्धारा इन्हें कोई परमीशन नहीं दी गई थी। इस परमीशन की लंबी प्रोसेज है। इसकी विधिवत फाईल चलती है। उसके बाद टीम नियुक्त करके पेड की वास्तु-स्थिति को देखा जाता है। टीम जब पूरी तरह से क्लीयर कर देती है तब जाकर परमीशन दी जाती है। मेरे द्धारा ऐसी कोई भी परमीशन नहीं दी गई
गणेश जायसवाल,पूर्व एसडीएम कोलारस