50 किलो की जगह पांच किलो पटवारी को दिलाया, शिकायत की तो बाढ तो सर्वे से नाम हटा दिया, जांच में दोषी, लेकिन कब होगी कार्यवाही

शिवपुरी। खबर जिले के पोहरी अनुविभाग के सबसे ज्यादा प्रभावित हर्रई,बरखेडी से आ रही है। जहां पार्वती नदी के रौंद्र रूप ने जो तबाही मचाई है वह किसी से छिपी नहीं है। परंतु उसके बाद यहां के पटवारी ने महज लोगों द्धारा शिकायत करने से गुस्सा होेकर जो लोग बाढ प्रभावित थे उन्हें मुआवजे के सर्वे से बाहर कर दिया।

इस मामले की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम पोहरी से की। जहां एसडीएम ने इस मामले में तहसीलदार को मामले की जांच का आदेश किया। जहां वैराड तहसीलदार ने मामले की जांच की तो इसमें पटवारी दोषी पाए गए है। जिनका जांच प्रतिवेदन एसडीएम को भेजा है। परंतु उक्त पटवारी पर प्रशासन कब कार्यवाही करेगा यह समझ से परे है।

जानकारी के अनुसार ग्राम हर्रई और वरखेडी के ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायत करते हुए बताया कि बाढ के दौरान हर्रई में पटवारी पुष्पराज धाकड ने बाढ पीडित परिवारों को शासन की और से प्रति परिवार 50 किलों राशन उपलब्ध कराया था। परंतु पटवारी ने अपने चहेतों को तो पचास किलो राशन उपलब्ध करा दिया। जबकि अन्य पात्र लोगों को महज 5 किलों अनाज उपलब्ध कराया।

जिसे लेकर ग्रामीणों ने पटवारी की शिकायत एसडीएम से की। जिससे पटवारी भडक गया और जो लोग शिकायत करने गए उनके नाम बाढ में हुए नुकसान की सूची से गायब कर दिया। इतना ही नहीं जो पात्र है उन्हें अपात्र बता दिया और जो अपात्र है उन्हेंं फायदा पहुंचाने के लिए पात्र बना दिया। जिसके चलते ग्रामीणों ने इस मामले की पुन शिकायत की। जिसपर से एसडीएम ने मामले की जांच के लिए तहसीलदार बैराड प्रतिज्ञा ढेंगुला को जांच सौंपी,जिसपर तहसीलदार ने मामले की जांच की।

जहां तहसीलदार द्धारा जांच में पाया गया कि विकास सिंह तोमर पुत्र सुल्तानसिंह तोमर का मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त जो पक्का है, रामवीर पुत्र चेउ रजक, के मकान की पीछे की एक दीवार क्षतिग्रस्त है। एंव बलवीर पुत्र रामस्वरूप रजक बैजनाथ पुत्र वल्ली नामदेव, मुकेश पुत्र मरोसी रजक के मकान आशिंक रूप से क्षतिग्रस्त हुये है का श्रीमान को शिकायती आवेदन दिया गया था।

जिनको पटवारी द्वारा सर्वे में पात्र पाया गया जो सही है व इनको राहत राशि भी प्रदाय की जा चुकी है तथा बंटी पुत्र बारेलाल शाक्य, चन्द्रपाल पुत्र दर्शनसिंह जादौन को सर्वे के दौरान छोड़ा गया था उनको जांच में पात्र पाया है। जिनको पात्र किया जाकर भुगतान किया जाना उचित है एवं बंटी एंव चन्द्रपाल का पक्का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त है एंव पटवारी द्वारा अपने कार्य के प्रति अनिमितता एंव लापरवाही वर्ती गई है जो उदासीनता का घोतक है। जिसके चलते पटवारी को दोषी मानते हुए जांच प्रतिवेदन एसडीएम को भेजा गया है। जहां अब एसडीएम इस मामले में पटवारी पर कार्यवाही करेंगें।

इनका कहना है
यह मामला हमारे संज्ञान में है। इसे लेकर हमारी और से तहसीलदार को जांच के लिए नियुक्त किया है। जिसमें तहसीलदार जो जांच रिपोर्ट देंगे उसके आधार पर हम पहले तहसीलदार को नोटिस जारी करेंगे उसके बाद उनपर कार्यवाही की जाएगी।
अंकुर रवि गुप्ता,एसडीएम पोहरी।