MM Hospital में युवक की मौत, परिजनों का हंगामा:लाश के बदले 10 हजार रूपये मांगने का आरोप

शिवपुरी। खबर शहर के एमएम हॉस्पिटल से आ रही हैं कि एमएम हॉस्पिटल में भर्ती एक आदिवासी युवक की मौत ईलाज के दौरान हो गई। युवक की मौत हो जाने पर परिजनो ने हॉस्पिटल में हंगामा करते हुए हॉपिस्टल प्रबंधन पर लाश देने के ऐवज में 10 हजार रूपए मांगने का आरोप लगाया है। वही इस मामले मे हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना है कि मृतक से मात्र 2 हजार की लेनदारी निकल रही हैं 10 हजार रूपए मांगने का आरोप झूठा हैं।

जानकारी के अनुसार केदार आदिवासी पुत्र छोटे लाल आदिवासी उम्र 32 साल निवासी पीएसक्यू लाईन की आज सुबह 7 बजे अचानक से तबीयत खराब हुई। उसने सीने में दर्द बताया तो परिजनो ने उसे शहर के निजी अस्पताल एमएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया। एमएम हॉस्पिटल में उसका डॉक्टरो ने उपचार शुरू किया और उपचार करने से पहले 5 हजार रूपए जमा करा लिए।

लेकिन 10 बजे केदार आदिवासी की ईलाज के दौरान मौत हो गई। केदार की मौत होने के बाद परिजनो ने हॉस्पिटल में हंगामा कर दिया।  मृतक की बहन का कहना है। कि सुबह 7 बजे हमने केदार को अस्पताल में भर्ती कराया। और उसके बाद हमसे डॉक्टरों ने 5 हजार रूपये अस्पताल में जमा कराने को कहा गया। तो हमने रूपये जमा करा दिये।

लेकिन अचानक से मृतक केदान की मौत हो गई   उसके बाद डॉक्टर हमें केदार की लाश नहीं दे रहे । डॉक्टर का कहना यह था कि पहले अस्पताल में 10 हजार रूपये जमा कराओ। फिर हम अपको लाश देंगे।   मीडिया को मृतक की बहन ने कहा की अब मेरा भाई ही नहीं रहा तो हम तृम्हे किसी चीज के रूपये दे।  डॉक्टर अगर हमें पहले ही बता देते कि मेरे भाई का ईलाज यह नहीं हो पायेगा तो हम उसे किसी दुसरे अस्पताल में भर्ती करा देते, लेकिन डॉक्टर तो अब रूपये मांग रहे है।

वहीं इस मामले में एमएम हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर आरपी सिहं का कहना है कि पेंसेट को हार्ट अटैक आने से उसकी मौत हो गई। हमने ईलाज में कोई लापरवाही नहीं कि जब वह सुवह भर्ती किया गया था। उसे हार्ट अटैक आया था, वह सीरियस था परिजनों को उसकी स्थिति बता दी गई थी। उसके ईलाज में केवल 4200 रूपये खर्च हुए है। अब अस्पताल को उसके आक्सीजन के 2 हजार रूपये लेने है जो हमने माफ कर दिये है। लाश को देने के ऐवज में 10 हजार रूपये मांगने कि कहानी झूठी है।